खबर वर्ल्ड न्यूज-बलरामपुर-रामानुजगंज। बलरामपुर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटक स्थल कुदरगढ़ धाम में आयोजित वार्षिक कुदरगढ़ महोत्सव 2025 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को शामिल होकर स्थानीय जनजातीय परंपरा, संस्कृति और श्रद्धा को नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
? क्या है कुदरगढ़ महोत्सव?
कुदरगढ़ धाम छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख शक्तिपीठ है, जो माता बगरेश्वरी देवी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थल हर साल चैत्र नवरात्रि में लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। अनुमानतः इस वर्ष 3 लाख से अधिक श्रद्धालु महोत्सव के दौरान पहुंचे, जो अब तक की सबसे अधिक भीड़ मानी जा रही है।
? मुख्यमंत्री साय की पूजा-अर्चना और यात्रा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सबसे पहले माता बगरेश्वरी देवी के दर्शन किए और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया।
?️ मुख्यमंत्री की घोषणाएं और भाषण की प्रमुख बातें:
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कुदरगढ़ धाम को पर्यटन सर्किट में शामिल किया जाएगा – मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और जनजातीय संस्कृति को देखते हुए इसे पर्यटन नक्शे पर प्रमुखता दी जाएगी।
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₹25 करोड़ की लागत से बुनियादी विकास कार्य – सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, टॉयलेट और पार्किंग सुविधा को बेहतर करने के लिए बजट स्वीकृत करने की बात कही।
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स्थानीय युवाओं को रोजगार – मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कुदरगढ़ के आस-पास ईको-टूरिज्म और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर 500 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
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जनजातीय कला मंच का निर्माण – आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने हेतु एक स्थायी मंच का निर्माण किया जाएगा जहाँ सालभर सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे।
? सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण का केंद्र
महोत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक कलाओं की झलक दिखी। सुवा नृत्य, करमा, पंथी नृत्य और जनजातीय वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय कलाकारों और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

