सर्वाधिक ई-बसों के संचालन वाला शहर बनने की तैयारी
इंदौर। देश-दुनिया में हो रहे बदलावों का रुख अन्य शहरों से काफी पहले भांपते हुए इंदौर अपने विकास की दिशा तय कर लेता है। इसी कड़ी में अब इंदौर भारत का पहला ग्रीन मोबिलिटी शहर बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। अब तक शहर में 90 ईवी बसों का संचालन किया जा रहा है।
चार्जिंग स्टेशन की तैयारी शुरू
अब एक कदम आगे बढ़ते हुए अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) ने शहर में 150 नई ई-बसों का संचालन करने की तैयारी की है। इन बसों के मेंटेनेंस और चार्जिंग के लिए चंदन नगर और नायता मुंडला स्थित आईएसबीटी पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए तैयारी भी शुरू हो चुकी है।
* शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाले बीआरटीएस को ग्रीन मोबिलिटी कारिडोर घोषित किया जा चुका है। यहां 30 ईवी आई-बसों का संचालन किया जा रहा है।
* साथ ही एआईसीटीएसएल द्वारा शहर के अलग-अलग रूट पर 40 छोटी ईवी सिटी बसें चलाई जा रही हैं।
* इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत जल्द ही शहर में दौड़ रही डीजल सिटी बसों की जगह 150 मिडी ईवी बसों का संचालन किया जाएगा।
* इन बसों के लिए दो नए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। ये स्टेशन चंदन नगर स्थित सिटी बस मेंटनेंस डिपो और नायता मुंडला स्थित आरटीओ परिसर में बनेंगे।
* बता दें कि एआइसीटीएसएल की ईवी बसों को चार्ज करने के लिए राजीव गांधी, विजय नगर, हवा बंगला, और सिलिकान सिटी में चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
दिसंबर तक लाने की तैयारी
हाल ही में हुई एआईसीटीएसएल की बोर्ड बैठक में तय किया है कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत आने वाली ईवी बसों के लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे। संभवत: दिसंबर तक बसों की खेप आना भी शुरू हो जाएगी। इसके बाद जनवरी से इन बसों को शहर के अलग-अलग रूट पर चलाया जाएगा।
बोर्ड बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत शहर में 150 बसों के संचालन का निर्णय लिया गया है। जल्द ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। – मनोज पाठक, सीईओ, एआइसीटीएसएल, इंदौर
इंदौर ग्रीन मोबिलिटी में बनेगा नंबर-1
मार्च में 11.5 किमी लंबे बीआरटीएस काॅरिडोर से डीजल आई-बसों को हटाकर 30 ईवी बसों का संचालन शुरू किया गया था। इसके चलते यह काॅरिडोर देश का पहला ग्रीन मोबिलिटी कारिडोर बन चुका है। साथ ही शहर के लोक परिवहन की बात करें तो इंटरसिटी के रूप में दिसंबर तक अमृत योजना में 26 ईवी बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
डीजल और सीएनजी ऑटो बाहर
5500 से अधिक ई-रिक्शा ने डीजल और सीएनजी आटो को बाहर कर दिया है। इन वाहनों को चार्ज करने के लिए शहर में 35 से अधिक एप बेस्ड चार्जिंग स्टेशन भी चल रहे हैं। लोक परिवहन में ईवी वाहनों का चलन बढ़ने के साथ ही हम ग्रीन मोबिलिटी में भी देश में नंबर-1 बन जाएंगे।

