Khabarworld24.com -दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने अगले पांच वर्षों के एजेंडे में युवाओं को रोजगार देना सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। केजरीवाल का यह बयान उनकी सरकार की रोजगार-सृजन की योजनाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने युवाओं को सशक्त करने के लिए विशेष प्रयासों का वादा किया है।
रोजगार योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार अगले पांच वर्षों में लाखों रोजगार के अवसर सृजित करने की योजना बना रही है। इसके तहत विभिन्न सेक्टरों में रोजगार के नए रास्ते खोले जाएंगे, जिनमें आईटी, सेवा क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, और निर्माण प्रमुख हैं। उनकी सरकार पहले ही ‘रोजगार बाजार’ नामक पोर्टल शुरू कर चुकी है, जिससे हजारों युवाओं को नौकरियां मिली हैं।
आंकड़ों के अनुसार सफलता
दिल्ली सरकार द्वारा 2021 में शुरू किए गए ‘रोजगार बाजार’ पोर्टल के जरिए 1.5 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराए गए। इसी दौरान, 2 लाख से अधिक नियोक्ताओं और कर्मचारियों ने इस पोर्टल का लाभ उठाया। इसके अलावा, दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) ने अब तक 50,000 से ज्यादा छात्रों को विभिन्न स्किल कोर्सों के लिए प्रशिक्षित किया है, जिसमें से 70% से अधिक छात्रों को नौकरी के अवसर मिले हैं।
व्यापार और उद्यमिता को बढ़ावा
केजरीवाल ने यह भी कहा कि उनकी सरकार स्टार्टअप और नए व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाओं पर काम कर रही है। ‘दिल्ली स्टार्टअप पॉलिसी’ के तहत 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान की गई है, जिनमें 60% से अधिक स्टार्टअप्स ने शुरुआती निवेश से लाभ कमाना शुरू कर दिया है।
लक्ष्य और विस्तार
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अगले पांच वर्षों के लिए अपने लक्ष्य को और भी व्यापक किया है। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य हर वर्ष 2 लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित करना है, जिसमें सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों शामिल हैं। इसके अलावा, सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 लाख युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने की योजना बनाई है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
रोजगार योजनाओं में नवाचार
दिल्ली सरकार का ध्यान केवल रोजगार सृजन पर ही नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण और स्थायी नौकरियों पर भी है। इसके लिए सरकार स्किल अपग्रेडेशन प्रोग्राम चलाने की योजना बना रही है। इस प्रोग्राम के तहत युवाओं को नवीनतम तकनीक और कौशल के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे न सिर्फ दिल्ली बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी रोजगार पा सकें।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की यह घोषणा दर्शाती है कि उनकी सरकार दिल्ली के युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रोजगार सृजन और स्किल विकास के क्षेत्र में उठाए गए कदमों से न केवल दिल्ली के युवाओं को लाभ मिलेगा, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था भी मजबूती की ओर अग्रसर होगी।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

