Khabarworld24.com -चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की गाड़ी पर पत्थर से हमले का मामला सामने आया है। इस घटना ने राजनीतिक माहौल में भारी तनाव पैदा कर दिया है, जहां AAP और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इस हमले को लेकर दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रही हैं।
AAP का दावा: भाजपा समर्थकों ने किया हमला
AAP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखाया गया है कि काले झंडे लिए कुछ लोग केजरीवाल की गाड़ी के करीब पहुंचे और पत्थरबाजी करने लगे। घटना उस समय हुई जब केजरीवाल नई दिल्ली क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे। पार्टी ने दावा किया कि यह हमला भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वर्मा के समर्थकों द्वारा किया गया, जिनका मकसद केजरीवाल को चोट पहुंचाना और उनके प्रचार को बाधित करना था। AAP के मुताबिक, इस घटना में कोई बड़ी चोट नहीं लगी, लेकिन पार्टी ने इस हमले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने वाला बताया है।
केजरीवाल ने युवाओं के सवालों पर जताई नाराजगी
वहीं, घटना के दौरान केजरीवाल से कुछ युवाओं ने सरकारी नौकरियों और सफाई कर्मचारियों के मुद्दों पर सवाल उठाए, जिससे माहौल गर्मा गया। गाड़ी के पास आकर युवकों ने केजरीवाल की नीतियों पर सवाल किए, जिसके बाद तनाव बढ़ गया और पत्थरबाजी की स्थिति उत्पन्न हुई।
भाजपा का आरोप: कार्यकर्ताओं पर गाड़ी चढ़ाई
दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने पलटवार करते हुए अरविंद केजरीवाल पर उनके कार्यकर्ताओं पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाया है। वर्मा के अनुसार, जब भाजपा कार्यकर्ता चुनावी मुद्दों पर सवाल पूछ रहे थे, तब केजरीवाल ने गुस्से में आकर अपनी गाड़ी से तीन युवकों को टक्कर मार दी। इन तीनों भाजपा कार्यकर्ताओं के पैरों में चोटें आईं, जिन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया। वर्मा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल हार का डर देखकर इस तरह की हरकतें कर रहे हैं और जनता की जान की कीमत भूल गए हैं।
आंकड़े: चुनाव प्रचार में बढ़ते हमले
इस घटना के साथ, दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा और हमले की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। पिछले तीन हफ्तों में ही 5 से ज्यादा ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां प्रमुख राजनेताओं पर हमले हुए हैं। इन हमलों में से 3 घटनाएं भाजपा और 2 आप के नेताओं के साथ हुई हैं।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, चुनाव के दौरान होने वाली हिंसात्मक घटनाओं में 20% की बढ़ोतरी देखी गई है, जिसमें खासकर चुनावी रैलियों और प्रचार के दौरान पत्थरबाजी और झगड़ों की घटनाएं प्रमुख हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए केजरीवाल का वादा
इस बीच, अरविंद केजरीवाल ने चुनावी रैलियों में सफाई कर्मचारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़े वादे किए हैं। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि, स्थायी रोजगार और बेहतर सुविधाओं का आश्वासन दिया है। AAP ने अपने घोषणा पत्र में सरकारी नौकरी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और 1 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों के अवसर प्रदान करने का वादा किया है।
यह मामला आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों के पहले के राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना रहा है, जहां दोनों प्रमुख पार्टियां एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगा रही हैं।
निष्कर्ष
इस घटना से साफ है कि दिल्ली चुनाव प्रचार अब व्यक्तिगत हमलों और हिंसा तक पहुंच गया है। AAP और भाजपा दोनों ही एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रही हैं, जो चुनावी प्रक्रिया को और भी विवादास्पद बना रहा है। अब यह देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और इसका चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

