Khabarworld24 –नई दिल्ली: भारत में चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-नवंबर 2024) के दौरान कोयला आयात में 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 18.20 करोड़ टन से अधिक दर्ज की गई। यह जानकारी बिजनेस-टू-बिजनेस ई-कॉमर्स कंपनी ‘एमजंक्शन सर्विसेज’ लिमिटेड द्वारा संकलित आंकड़ों से प्राप्त हुई है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि (अप्रैल-नवंबर 2023) में भारत ने 17.81 करोड़ टन कोयला आयात किया था, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 18.20 करोड़ टन हो गया है।
हालांकि, नवंबर 2024 में भारत का कोयला आयात घटकर 1.95 करोड़ टन रहा, जो पिछले वर्ष के नवंबर महीने में 2.23 करोड़ टन था। यह गिरावट बाजार की उम्मीदों के अनुरूप बताई जा रही है, और इसे घरेलू बाजार में कोयला की पर्याप्त उपलब्धता का परिणाम माना जा रहा है।
आयात में गिरावट का कारण: ‘एमजंक्शन सर्विसेज’ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय वर्मा के अनुसार, कोयला आयात में यह गिरावट घरेलू बाजार में कोयला की बढ़ी हुई उपलब्धता के कारण आई है। इसके साथ ही स्पॉन्ज आयरन और स्टील जैसे उपभोक्ता क्षेत्रों से आयात मांग में भी कमी आई है।
सरकार का फोकस – उत्पादन में वृद्धि: भारत सरकार ने कोयला उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयासों पर जोर दिया है। सरकार की नीति के तहत, उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं के आधार पर कोयला का आयात करने में सक्षम हैं, लेकिन सरकार कोयले के उत्पादन में वृद्धि करने और घरेलू आपूर्ति में सुधार करने पर भी जोर दे रही है, ताकि आयात पर निर्भरता घट सके।
आयात और उत्पादन पर विशेष ध्यान: सरकार की योजना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम की जाए, जिससे ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और विदेशी मुद्रा के खर्च में भी कमी आए। साथ ही, सरकार कोयला खदानों का विस्तार करने, खनन तकनीकों में सुधार, और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
निष्कर्ष: भारत में कोयला आयात में मामूली वृद्धि के बावजूद, सरकार घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर आयात में कमी लाने के प्रयासों में जुटी है। अगले कुछ महीनों में यह नीति और आयात-निर्भरता में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।
खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर-बालकृष्ण साहू

