Khabarworld24.com -रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को “भारत का मुकुट मणि” बताया है, यह कहते हुए कि इसके बिना जम्मू-कश्मीर अधूरा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा है, और देश इसे पुनः प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिश जारी रखे हुए है। पीओके का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को संचालित करने और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने के लिए किया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि पीओके में स्थित आतंकी शिविर और लॉन्च पैड को नष्ट करना आवश्यक है, और अगर पाकिस्तान इन गतिविधियों को रोकने में विफल रहता है, तो इसका उपयुक्त जवाब दिया जाएगा।
पीओके: भारत के लिए सामरिक और राजनीतिक महत्व
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भौगोलिक स्थिति: पीओके का क्षेत्र लगभग 13,297 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जो भारत की उत्तर-पश्चिमी सीमा पर स्थित है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधा संपर्क अफगानिस्तान और चीन से जोड़ता है। पीओके में से गुजरने वाला चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भी इसी क्षेत्र में आता है।
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ऐतिहासिक विवाद: जम्मू-कश्मीर के विभाजन और 1947 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद पीओके पर पाकिस्तान का कब्जा हुआ था। भारतीय संसद ने 1994 में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें पीओके को भारत का अविभाज्य हिस्सा माना गया था और इसे वापस लेने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी।
आतंकी गतिविधियों का अड्डा
पीओके में कई आतंकी शिविर और लॉन्च पैड स्थित हैं, जिनका उपयोग भारत के खिलाफ सीमा पार हमलों और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पीओके में सक्रिय आतंकी संगठनों की संख्या में पिछले 5 वर्षों में तेजी आई है। प्रमुख आतंकी संगठन, जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन, पीओके में अपने बेस संचालित कर रहे हैं।
- 2020 में डेटा: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, 2020 में लगभग 300 से अधिक आतंकवादी पीओके में विभिन्न लॉन्च पैड्स पर सक्रिय थे। इसके अलावा, पाकिस्तान की सेना इन आतंकी समूहों को खुला समर्थन देती रही है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के लिए भी विवाद का कारण बना है।
भारतीय सेना की कड़ी कार्रवाई
भारतीय सेना ने समय-समय पर नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक और अन्य कार्रवाई की है।
- 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक: सितंबर 2016 में उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर कई आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट किया था।
- 2019 का बालाकोट एयर स्ट्राइक: 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान के अंदर बालाकोट स्थित आतंकी शिविरों पर एयर स्ट्राइक की, जिसमें कई आतंकवादियों के मारे जाने की खबर थी।
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में भारत का रुख
भारत ने लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरा है और पीओके में आतंकवाद को समाप्त करने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, G20 सम्मेलनों, और अन्य कूटनीतिक बैठकों में भारत ने जोर देकर कहा है कि पाकिस्तान को अपनी धरती से आतंकवाद को समाप्त करना चाहिए, जिसमें पीओके भी शामिल है।
भविष्य की दिशा
राजनाथ सिंह के इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत पीओके पर न केवल अपनी कूटनीतिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, बल्कि इसे पुनः प्राप्त करने के लिए सैन्य और राजनीतिक कदम उठाने की संभावनाएं भी खुली रख रहा है।
भारत का संकल्प
भारतीय सरकार का मानना है कि जम्मू-कश्मीर तब तक पूर्ण और सुरक्षित नहीं हो सकता जब तक कि पीओके को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त नहीं किया जाता। भविष्य में भारत की नीति और रणनीति इसी दिशा में केंद्रित रह सकती है।
निष्कर्ष:
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान भारतीय संप्रभुता और सुरक्षा के लिए पीओके के महत्व को रेखांकित करता है। भारत, पीओके में आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को घेरने के साथ, अपनी सीमाओं की सुरक्षा और कश्मीर की एकता के लिए प्रतिबद्ध है।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

