नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद संतोष पांडेय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान सांसद पांडेय ने अमित शाह को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक गृह मंत्री के रूप में 2,258 दिनों (6 वर्ष और 65 दिन) से अधिक की सेवा पूरी करने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। यह उपलब्धि अमित शाह को देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले गृहमंत्री बनाती है, जिन्होंने अपने कार्यकाल में आंतरिक सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।
अमित शाह का ऐतिहासिक कार्यकाल: प्रमुख उपलब्धियां
अमित शाह ने 30 मई 2019 को नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में गृहमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था और तब से उन्होंने भारत की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया है। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:
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अनुच्छेद 370 और 35A का निरस्तीकरण: 5 अगस्त 2019 को, अमित शाह के नेतृत्व में भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस कदम ने जम्मू-कश्मीर को शेष भारत के साथ पूर्ण रूप से एकीकृत किया और क्षेत्र में विकास के नए युग की शुरुआत की। गृहमंत्री ने राज्यसभा में इस निर्णय को प्रस्तुत करते हुए कहा था, “मैं अपने संविधान निर्माताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने अनुच्छेद 370 को अस्थायी बनाया और इसे हटाने का समाधान प्रदान किया।” इस कदम के बाद, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई, और 2023 तक आतंकवाद से संबंधित घटनाओं में 65% की कमी दर्ज की गई।
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माओवाद और नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण: अमित शाह के कार्यकाल में नक्सलवाद पर लगाम कसने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2019 से 2025 तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसक घटनाओं में 70% से अधिक की कमी आई है, और ‘रेड कॉरिडोर’ का दायरा 25 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। 2024 में आयोजित आतंकवाद विरोधी सम्मेलन में शाह ने कहा, “मोदी सरकार ने 10 सालों में आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया है।”
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आतंकवाद विरोधी नीतियां और सर्जिकल स्ट्राइक: अमित शाह ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उरी (2016) और पुलवामा (2019) हमलों के बाद भारत ने 10 दिनों के भीतर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे कठोर कदम उठाए, जिसने वैश्विक मंच पर भारत की सुरक्षा नीति को मजबूत किया। गृह मंत्रालय के अनुसार, 2014 से 2024 तक आतंकवादी हमलों में 80% की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा, 2024 में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के आतंकवाद विरोधी सम्मेलन में शाह ने युवा अधिकारियों को उच्च-स्तरीय तकनीकों से लैस करने पर जोर दिया।
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नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का कार्यान्वयन: अमित शाह के नेतृत्व में 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पारित किया गया, जिसका उद्देश्य पड़ोसी देशों से आए उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना था। इस कदम ने भारत की मानवीय और समावेशी नीति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया।
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आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में सुधार: अमित शाह ने आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई सुधार लागू किए। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2019 से 2025 तक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस के समन्वय से देश में आपराधिक घटनाओं में 30% की कमी आई है। इसके अलावा, पूर्वोत्तर राज्यों में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (AFSPA) को 60% अशांत क्षेत्रों से हटाया गया, जिससे शांति बहाली में मदद मिली।
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शहीदों के प्रति सम्मान: अमित शाह ने अपने कार्यकाल में देश की सुरक्षा के लिए शहीद हुए 36,468 पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “उनके बलिदान ने भारत को विश्व में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाया है।”
सांसद संतोष पांडेय की प्रतिक्रिया
सांसद संतोष पांडेय ने अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा, “माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने अपने कार्यकाल में भारत की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता को नए शिखर पर पहुंचाया है। उनके साहसिक निर्णयों ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सशक्त राष्ट्र बनाया है।” पांडेय ने विशेष रूप से अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण, माओवाद के उन्मूलन और आतंकवाद विरोधी नीतियों को रेखांकित किया।


