तीन वर्षों में 90 से अधिक गांवों में पहुंची बिजली, 50 से ज्यादा गांवों में विद्युतीकरण जारी
एक हजार किलोमीटर से अधिक सड़क निर्माण की जानकारी दी
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के साथ बीजापुर जिले के दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है। पिछले तीन वर्षों में 90 से अधिक गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है, जबकि 50 से ज्यादा गांवों में विद्युतीकरण का कार्य जारी है। वहीं जिले में एक हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण की जानकारी दी गई है।बुधवार को पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रायपुर द्वारा जिला पुलिस प्रशासन के सहयोग से गर्ल्स पोर्टा केबिन ऑडिटोरियम में आयोजित पत्रकार वार्तालाप कार्यक्रम में कलेक्टर विश्वदीप ने जिले में चल रहे विकास कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। ‘शांति से विकास की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।सड़क, पुल और बिजली से बढ़ी पहुंच कलेक्टर ने बताया कि पहले सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण अंदरूनी क्षेत्रों में निर्माण कार्य करना कठिन था। दोरनापाल-जगरगुंडा सड़क का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में स्वीकृत यह सड़क वर्ष 2025 के अंत तक पूरी हो सकी। वर्तमान में फुंडरी पुल का निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि बेदरे सहित अन्य क्षेत्रों में भी पुल-पुलिया निर्माण कार्य जारी हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
जिले में बंद स्कूलों को दोबारा शुरू करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही 55 आदिवासी छात्रावासों के निर्माण एवं सुविधाओं के विकास की योजना है। इस वर्ष नया नर्सिंग कॉलेज शुरू करने की पहल तथा जिला अस्पताल की अधोसंरचना को बेहतर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
पर्यटन और आजीविका को मिलेगा बढ़ावा
कलेक्टर ने बताया कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व में एक नवंबर से जंगल सफारी शुरू की गई है। वर्तमान में नौ किलोमीटर के सफारी मार्ग को बढ़ाकर 32 से 33 किलोमीटर तक करने की योजना है। इसके अलावा गिद्ध सफारी, मट्टी मरका और जिले के जलप्रपातों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए कृषि, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नेमेड क्षेत्र के 16 किसानों को तालाबों के माध्यम से झींगा पालन से जोड़ने की पहल भी की गई है।80 करोड़ से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत ग्रामीण विकास के संबंध में कलेक्टर ने बताया कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत जिले में 80 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें डबरी, तालाब और अन्य व्यक्तिगत एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण शामिल है। जिले की 170 ग्राम पंचायतों में नोडल व्यवस्था विकसित की जा रही है, ताकि ग्रामीणों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रमिक कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बैंक खाते जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।
बीजापुर के संघर्ष और बदलाव का होगा दस्तावेजीकरण
कलेक्टर ने कहा कि बीजापुर की पिछले चार दशकों की संघर्ष और विकास यात्रा को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करना जरूरी है। इसके लिए पत्रकारों के सहयोग से महत्वपूर्ण घटनाओं और विकास कार्यों को संकलित कर कॉफी टेबल बुक तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया।
बेहतर सुरक्षा वातावरण से विकास को गति : एसपी
पुलिस अधीक्षक उमेश गुप्ता ने जिले में नक्सल विरोधी अभियानों, सुरक्षा बलों के योगदान और वर्तमान सुरक्षा परिस्थितियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीजापुर में शांति और विकास की वर्तमान स्थिति सुरक्षा बलों के लंबे संघर्ष, जवानों के बलिदान और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। बेहतर सुरक्षा वातावरण से अंदरूनी क्षेत्रों में प्रशासन की पहुंच बढ़ी है और सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य विकास कार्यों को गति मिली है। कार्यक्रम में पत्रकारों ने जिले में नक्सलवाद के प्रभाव, सुरक्षा, प्रशासनिक पहुंच और विकास कार्यों से जुड़े सवाल पूछे। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने विस्तार से जवाब देते हुए शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया में मीडिया की जिम्मेदार भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।


