नई दिल्ली। अंकुरित अनाज (Sprouts) को स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। अंकुरण की प्रक्रिया के दौरान अनाज और दालों में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वे अधिक पौष्टिक और आसानी से पचने योग्य बन जाते हैं। मूंग, चना, मेथी, लोबिया और अन्य कई अनाजों को अंकुरित करके खाया जाता है। हालांकि इनके फायदे तभी पूरी तरह मिलते हैं जब इन्हें सही समय और सही तरीके से खाया जाए।
सुबह का समय है सबसे बेहतर
विशेषज्ञों के अनुसार अंकुरित अनाज खाने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है। नाश्ते में अंकुरित अनाज शामिल करने से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है और दिनभर ताजगी बनी रहती है। इनमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।
सुबह खाली पेट या हल्के नाश्ते के रूप में अंकुरित मूंग या चने का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। इससे पाचन तंत्र सक्रिय होता है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।
वर्कआउट के बाद भी है अच्छा विकल्प
यदि आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, तो वर्कआउट के बाद अंकुरित अनाज खाना भी लाभदायक हो सकता है। इनमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों की रिकवरी में मदद करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इसके साथ सलाद या नींबू मिलाकर खाने से पोषण और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं।
रात में खाने से क्यों बचना चाहिए?
हालांकि अंकुरित अनाज पौष्टिक होते हैं, लेकिन इन्हें देर रात खाने की सलाह नहीं दी जाती। इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण कुछ लोगों को गैस, पेट फूलने या अपच की समस्या हो सकती है। रात के समय पाचन प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी होती है, इसलिए अंकुरित अनाज को दिन के समय खाना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
ऐसे खाएं अंकुरित अनाज
अंकुरित अनाज का स्वाद और पोषण बढ़ाने के लिए इसमें कटा हुआ टमाटर, खीरा, प्याज, धनिया और नींबू का रस मिला सकते हैं। चाहें तो हल्का सा उबालकर भी खा सकते हैं। जिन लोगों का पाचन कमजोर है, उनके लिए हल्का स्टीम किया हुआ स्प्राउट्स बेहतर रहता है।
कितना खाना चाहिए?
सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के लिए एक कटोरी अंकुरित अनाज पर्याप्त माना जाता है। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर को अधिकतम लाभ मिलता है।
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