खबर वर्ल्ड न्यूज-डोंगरगढ़। मां बम्लेश्वरी के दर्शन की इच्छा लेकर महाराष्ट्र से डोंगरगढ़ पहुंची 67 वर्षीय महिला की मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई। दादी माता मंदिर के पास सीने में दर्द की शिकायत के बाद वह वहीं बैठ गईं। परिजनों की सूचना पर मंदिर ट्रस्ट ने तत्काल मदद पहुंचाई और महिला को रोपवे के जरिए नीचे लाकर एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतका की पहचान भंडारा जिले के डोंगरगांव निवासी निर्मला बोरकर के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह निर्मला अपनी छोटी बहन सुलोचना और भाभी के साथ पावर हाउस क्षेत्र से पैदल मां बम्लेश्वरी मंदिर के लिए निकली थीं। परिजनों के मुताबिक, गर्मी अधिक होने के कारण सीढ़ियां चढ़ते समय उन्होंने रास्ते में नींबू पानी भी पिया था।
परिजनों के अनुसार, मंदिर की ओर धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़ते हुए तीनों दादी माता मंदिर के पास पहुंचीं। इसी दौरान निर्मला अचानक बैठ गईं। उन्होंने परिजनों से सीने में दर्द होने की बात कही। उनकी हालत बिगड़ती देख परिजन तत्काल मंदिर कार्यालय पहुंचे और घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और महिला को नीचे लाने की व्यवस्था शुरू की। बताया गया कि उस समय मेंटेनेंस के चलते रोपवे बंद था। महिला की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद ट्रस्ट ने तत्काल रोपवे चालू कराया। निर्मला के साथ उनकी बहन और भाभी को भी रोपवे के जरिए नीचे लाया गया।
इसके बाद ट्रस्ट की एंबुलेंस से निर्मला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
निर्मला की छोटी बहन सुलोचना ने बताया कि 15 सितंबर को पावर हाउस क्षेत्र स्थित उनके घर में गृह प्रवेश का कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निर्मला एक दिन पहले डोंगरगढ़ आई थीं। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने की इच्छा जताई थी।
सुलोचना के मुताबिक, निर्मला इससे पहले कभी डोंगरगढ़ नहीं आई थीं। गुरुवार सुबह दोनों बहनें अपनी भाभी के साथ मंदिर के लिए निकली थीं। वे सीढ़ियां धीरे-धीरे चढ़ते हुए दादी माता मंदिर के पास तक पहुंची थीं, लेकिन मंदिर पहुंचने से करीब 100 सीढ़ियां पहले ही निर्मला की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
बहन की मौत के बाद सुलोचना भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि निर्मला पहली बार मां बम्लेश्वरी के दर्शन करना चाहती थीं, लेकिन दर्शन से पहले ही उनकी मौत हो गई। निर्मला के पति रमेश बोरकर किसान हैं। परिवार में उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं।
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