शिक्षक ही विद्यार्थियों को सफलता के शिखर तक पहुंचाने वाले सच्चे मार्गदर्शक
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष पाठक-मुंगेली। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छटन में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विद्यालय एवं ग्राम पंचायत की ओर से सेवानिवृत्त एवं कार्यरत शिक्षकों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त डीएमसी अशोक कश्यप, विशिष्ट अतिथि ग्राम पंचायत छटन के सरपंच लुमेश सप्रे, प्राचार्य डॉ. आई.पी. यादव, बीआरसीसी डी.सी. डाहिरे, प्रभारी प्राचार्य कैलाश सिंह राजपूत, साक्षरता प्रभारी रामनाथ गुप्ता एवं प्राचार्य ए.डी. अंचल द्वारा भारत माता एवं भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति तथा महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त डीएमसी अशोक कश्यप ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को तिरुचिरापल्ली में हुआ था। वे बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे और उन्होंने अपने जीवन में समय को विशेष महत्व दिया। उनके जीवन से हमें समय का सदुपयोग, अनुशासन एवं शिक्षा के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. आई.पी. यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व है। जीवन में किसी भी कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए अनुशासित रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए भी अपने सभी कार्य निर्धारित समय पर पूरे किए। अनुशासन के बिना जीवन में सफलता प्राप्त करना कठिन है और अनुशासित जीवन हमेशा सफलता की ओर ले जाता है। बीआरसीसी डी.सी. डाहिरे ने कहा कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से शिक्षक बनने के क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सामान्य ज्ञान सहित विभिन्न विषयों की जानकारी से स्वयं को अपडेट रखना चाहिए तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेकर ज्ञान अर्जित करना चाहिए। प्रभारी प्राचार्य कैलाश सिंह राजपूत ने शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को जीवन में शिखर तक पहुंचाने वाला मार्गदर्शक होता है। शिक्षक के व्यक्तित्व में क्षमा, धैर्य, समर्पण और कठिन परिश्रम जैसे गुण होते हैं। वह अपने अथक प्रयासों से विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने का कार्य करता है।
उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें वर्ष 1954 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वे महान दार्शनिक, शिक्षक एवं विनम्र तथा व्यवहारिक व्यक्तित्व के धनी थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं ग्राम पंचायत छटन के सरपंच लुमेश सप्रे ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करना विद्यालय एवं ग्राम के लिए गौरव का विषय है। निश्चित रूप से शिक्षक ही हमारे जीवन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को जीवन में अपनाना सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह विशेष और विलक्षण अवसर है कि वे शिक्षकों का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है।
शिक्षकों का किया गया सम्मान
शिक्षक दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत एवं सरपंच की ओर से सेवानिवृत्त डीएमसी अशोक कश्यप, प्राचार्य डॉ. आई.पी. यादव, प्राचार्य कैलाश सिंह राजपूत, प्राचार्य रामनाथ गुप्ता, बीआरसीसी डी.सी. डाहिरे सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकों को साल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा एवं संस्कार देने के लिए अपने संकल्प को दोहराया।
चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में कुमारी मुस्कान साहू ने प्रथम, कुमारी पूनम साहू ने द्वितीय तथा कुमारी नंदिनी गेंदले ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं निबंध प्रतियोगिता में कुमारी प्रमिला मरकाम ने प्रथम तथा कुमारी रितिका गुप्ता ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा शुभकामनाएं एवं प्रोत्साहन दिया गया। कार्यक्रम में उमाकांत मिरी, सुषमा गुप्ता, ज्योति सिंह, जयसिंह मरकाम, बलदाऊ साहू, झमेश पटेल, लक्ष्मी नारायण जोशी, अमीन सोनवानी, लालाराम घृतलहरे, ओम प्रकाश साहू, कमल सिन्हा, रामेश्वर राव, लोकेश पाटले, मीरकंठ साहू, सुनीता साहू, भाऊ राम साहू, संतोष सप्रे, रविंद्र गुप्ता सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता मोहन उपाध्याय ने किया। शिक्षक दिवस समारोह ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित ग्रामीणों में शिक्षा और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।


