खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। नगर निगम में विपक्ष के नेता राजेश चौधरी ने शहर की चरमराती यातायात व्यवस्था, पार्किंग की गंभीर समस्या और निगम प्रशासन के रवैये को लेकर उन्होंने नगर निगम में प्रेसवार्ता को संबोधित करते कहा कि आज जिस यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है, यह मंथन महापौर को सरकारी भूमि के आवंटन, अनापत्ति प्रमाण पत्र देने और मेयर-इन-काउंसिल से संकल्प पारित कराने से पहले करना चाहिए था। यदि उस समय पार्किंग हेतु आरक्षित भूमि का नियम विरुद्ध आवंटन न किया गया होता, तो आज शहर को इस अराजक स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
राजेश चौधरी ने निगम प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि महापौर के निर्देशों पर शहर में ‘यूजर चार्ज’ की वसूली के नाम पर छोटे व्यापारियों को जहां-तहां बिठाया जा रहा है, जो किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है। निगम प्रशासन का एक ही रवैया बनकर रह गया है, आप दुकान कहीं भी लगाइए,हमें सिर्फ यूजर चार्ज से मतलब है।”इस अदूरदर्शी नीति के कारण मुख्य मार्गों पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने आगे कहा उन्होंने आगे कहा कि हर तीज-त्योहार से पहले यातायात और बाज़ार की व्यवस्थाएं तय की जानी चाहिए, न कि त्योहार शुरू होते ही कार्रवाई के नाम पर छोटे व्यापारियों को प्रताड़ित किया जाए। त्योहारों के सीज़न में रोज़गार ढूंढने वाले इन छोटे व्यापारियों को यातायात का हवाला देकर बेवजह परेशान किया जा रहा है, जो उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार है। हमारा सुझाव है कि निगम प्रशासन, जिला प्रशासन, महापौर और स्थानीय विधायक को व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और हितधारकों के साथ बैठक कर त्योहारों से काफी पहले ही एक ‘त्योहारी बाज़ार’का स्थान चिह्नित करना चाहिए। इससे दुकानदारों और आम जनता दोनों को पता रहेगा कि खरीदारी के लिए कहां जाना है। लेकिन इसके विपरीत, ऐन मौके पर अचानक कार्रवाई कर व्यापारियों और खरीदारों दोनों को परेशान करना इस प्रशासन की आदत बन चुकी है। हाल ही में जिला प्रशासन के साथ हुए मंथन में सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले मेन रोड के व्यापारियों को ही शामिल नहीं किया गया, जो इस व्यवस्था की पोल खोलता है।
उन्होंने कहा कि सवा साल पहले महापौर ने शहर की जनता से वादा किया था कि डेढ़ साल के भीतर शहर को 3 नई पार्किंग सुविधाएं दी जाएंगी। आज शहर की जनता पूछ रही है कि उन पार्किंग स्थलों का क्या हुआ? अगर महापौर में ज़रा सी भी इच्छाशक्ति और कार्यक्षमता होती,तो वे, “पुराने बस स्टैंड के नीचे स्थित निगम परिसर की पार्किंग शुरू करवा सकते थे। पंडित दीनदयाल व्यावसायिक परिसर के नीचे बनी पार्किंग को चालू करवा सकते थे। इतवारी मार्केट में अधूरी पड़ी पार्किंग के कार्य को पूरा करवाकर उसे जनता को समर्पित कर सकते थे। परंतु महापौर को शहर के बुनियादी विकास और जनता की सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है। इस दौरान उपनेता प्रतिपक्ष कोमल सेना,गौरनाथ नाग,पार्षद सूर्यापानी,जाहिद हुसैन,गौतम पाणिग्रही,ललिता राव, रामकृष्ण तिवारी,शुभम यदू,लोकेश चौधरी,जस्टिन भवानी,आभास महंती आदि मौजूद रहे।
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