नई दिल्ली। गुड़हल का फूल पूजा-पाठ में तो खास महत्व रखता ही है, लेकिन आयुर्वेद में इसे एक बेहतरीन औषधि भी माना गया है। सेहत के लिए इसके कई फायदे बताए जाते हैं। दिखने में खूबसूरत यह फूल स्वास्थ्य के लिए भी काफी उपयोगी माना जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि गुड़हल का पौधा आमतौर पर कई घरों में आसानी से मिल जाता है। ऐसे में इसके औषधीय गुणों का लाभ लेने के लिए ज्यादा खोजबीन करने की जरूरत नहीं पड़ती।
एक्सपर्ट राकेश पांडेय बताते हैं कि गुड़हल के फूलों को सुखाकर कई तरह की औषधियां तैयार की जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने खेतों में बिना किसी रासायनिक उर्वरक के प्राकृतिक तरीके से गुड़हल और दूसरे फूलों की खेती करते हैं। इन ताजे फूलों को पहले अच्छी तरह सुखाया जाता है। इसके बाद इनका लंबे समय तक औषधि के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
पथरी में भी है लाभकारी
राकेश पांडेय के अनुसार, आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में गुड़हल के फूलों का विशेष महत्व है। इसके सेवन से पथरी जैसी समस्या में भी राहत मिल सकती है। इसके लिए गुड़हल के फूलों से बने पाउडर का एक चम्मच सुबह और शाम हल्के गुनगुने पानी या दूध के साथ लिया जाता है। उन्होंने बताया कि गुड़हल के फूल महिलाओं से जुड़ी कई समस्याओं में भी उपयोगी माने जाते हैं। खासतौर पर ल्यूकोरिया और अन्य आंतरिक समस्याओं में इसका उपयोग किया जा सकता है।
हर्बल टी के रूप में भी किया जाता है इस्तेमाल
गुड़हल के सूखे फूलों का उपयोग हर्बल टी बनाने में भी किया जाता है। इन फूलों को गर्म पानी में डालने पर पानी का रंग बदलकर स्ट्रॉबेरी जैसा गुलाबी हो जाता है। इसके बाद इसमें दूसरी जड़ी-बूटियां मिलाकर हर्बल टी तैयार की जा सकती है। सबसे खास बात यह है कि इसे घर पर बनाना भी आसान है। ताजे गुड़हल के फूलों को सुखाकर उनका पाउडर तैयार किया जा सकता है और जरूरत के अनुसार इसका उपयोग किया जा सकता है। इस तरह इसके औषधीय गुणों का लाभ लिया जा सकता है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं। इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें। K.W.N.S. किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
Trending
- हेमचंद यादव विश्वविद्यालय: महिला कर्मचारी की सैलरी का बड़ा हिस्सा बेटे के खाते में कराया ट्रांसफर, कुलसचिव गिरफ्तार
- तेन्दूपत्ता संग्रहण की नई पहल से अबुझमाड़ के 22 गांवों को मिला लाभ
- ग्रामीण उद्यमिता का मार्ग है संभागीय सरस मेला: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
- ब्रह्माकुमारीज़, अंबिकापुर में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ के कार्यक्रम में मंत्री राजेश अग्रवाल हुए शामिल
- श्रावण के प्रथम सोमवार पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर शिव मंदिर में विधि-विधान से किया जलाभिषेक
- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जनदर्शन में सुनीं आमजन की समस्याएं
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई पहचान
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : अब 14 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा पंजीयन


