खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। जिले के उसूर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले रायगुड़ा गांव में सड़क नहीं होने के कारण बीती रात में एक बीमार मरीज तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। मजबूरन ग्रामीणों और 108 एम्बुलेंस स्टाफ को मरीज को करीब 7 किलोमीटर तक खेतों और कच्चे रास्तों से खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ा, जहां से उसे एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। नक्सलवाद से पांच दशकों से प्रभावित रहे बस्तर के अंदरूनी गांवों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। आपातकालीन स्थिति में भी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। बरसात के मौसम में गांव का संपर्क और भी कठिन हो जाता है, जिससे बीमारों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से रायगुड़ा तक सर्व मौसम सड़क का निर्माण कराने और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह खाट पर ढोने की नौबत न आए।
इस मामले में एसडीएम उसूर भूपेंद्र कुमार गावरे ने कहा कि यह मामला मीडिया के माध्यम से आया है, मैं इसकी जांच करवाता हूं। इसके बाद जो भी प्रक्रिया होगी, उसे संबंधित विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर पूरी कराई जाएगी।
Trending
- पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़
- गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- मुख्य सचिव विकास शील ने गृह विभाग की राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम संबंधी ली बैठक
- छत्तीसगढ़ पर्यटन में बड़ा बदलाव: 38वीं बैठक में तय हुआ नया रोडमैप, स्थानीय रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा मुख्य फोकस
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर अमल, उद्यान निर्माण के लिए 95.3 लाख स्वीकृत
- शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव- राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा
- जन्मदिन पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुखबधिर विद्यालय पहुंचकर बच्चों संग बांटी खुशियां
- मुंगेली में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन शुरू, 31 जुलाई अंतिम तिथि


