नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा चोट के बाद अफगानिस्तान वनडे सीरीज से धमाकेदार वापसी के लिए तैयार हैं। 13 जून को धर्मशाला में कदम रखते ही 39 वर्षीय रोहित भारत के लिए वनडे खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनकर इतिहास रच देंगे। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में जहां उन पर कप्तानी और बल्लेबाजी का दोहरा जिम्मा होगा, वहीं उनकी फिटनेस और फॉर्म को 2027 विश्व कप के नजरिए से भी देखा जा रहा है। बतौर ओपनर 16,000 इंटरनेशनल रनों से महज 6 रन दूर खड़े रोहित इस सीरीज में कई बड़े कीर्तिमानों को ध्वस्त करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।
जब भारत में वन-डे इंटरनेशनल क्रिकेट का रोमांच शुरू होता है, तो पूरा माहौल एक अलग ही उत्साह से भर जाता है। वर्तमान समय में इस दीवानगी की केवल दो ही वजहें हैं विराट कोहली और रोहित शर्मा। हालांकि आगामी अफगानिस्तान वनडे सीरीज में चोट के कारण कोहली टीम का हिस्सा नहीं होंगे, लेकिन ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा (Rohit Sharma) पूरी तरह से फिट होकर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। 13 जून को धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर जब रोहित टॉस के लिए कदम रखेंगे, तो वह एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। 39 साल और 44 दिन की उम्र में वह वनडे मैच खेलने वाले भारत के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। इसके साथ ही वह 1983 के विश्व कप हीरो मोहिंदर अमरनाथ का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे, जिन्होंने 1989 में 39 साल और 36 दिन की उम्र में अपना आखिरी वनडे खेला था।
समय का पहिया कितनी तेजी से घूमता है, रोहित शर्मा का करियर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। साल 2007 में उन्होंने आयरलैंड के बेलफास्ट में एक युवा और बेहद प्रतिभाशाली मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी। उस समय पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें लगातार बैक किया। आज वही युवा खिलाड़ी 19 साल लंबे इंटरनेशनल करियर के बाद भारतीय वनडे इतिहास का सबसे सीनियर खिलाड़ी बनने जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि जहां रोहित का सफर बेलफास्ट से शुरू हुआ था, वहीं इस समय आयरलैंड के खिलाफ भारत की आगामी टी20 सीरीज अनिश्चितताओं के साए में घिरी हुई है।
रोहित शर्मा की हालिया फॉर्म और फिटनेस का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन पारियों में वह केवल 61 रन ही बना सके थे, जिसके बाद आईपीएल 2026 में वह चोट का शिकार हो गए। मुंबई इंडियंस की टीम में वापसी करने के बाद भी फिटनेस चिंताओं के कारण उन्हें ज्यादातर ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में इस्तेमाल किया गया। हालांकि, जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस के पहले ही मैच में रोहित का पुराना ‘विंटेज’ अंदाज देखने को मिला, जहां उन्होंने महज 38 गेंदों पर 78 रनों की तूफानी पारी खेलकर अपनी क्लास दिखाई।
न्यूजीलैंड सीरीज की असफलता को छोड़ दिया जाए, तो उससे ठीक पहले रोहित शर्मा बेहद खतरनाक फॉर्म में थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी सरजमीं पर वापसी करते हुए रोहित ने कंगारू गेंदबाजों की जमकर क्लास लगाई और उस सीरीज में 101.00 के अविश्वसनीय औसत से कुल 202 रन कूट डाले थे। इसके तुरंत बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में उन्होंने दो शानदार अर्धशतक जमाए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा जब उन्होंने घरेलू क्रिकेट का रुख किया, तो विजय हजारे ट्रॉफी के एक मुकाबले में 155 रनों की विशाल और धमाकेदार पारी खेलकर साबित कर दिया कि रनों की भूख अभी शांत नहीं हुई है।
अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू हो रही यह वनडे सीरीज रोहित शर्मा को दुनिया के कुछ सबसे महान बल्लेबाजों की श्रेणी में और ऊपर ले जाएगी। वर्तमान में रोहित के नाम वनडे क्रिकेट में 33 शतक और 61 अर्धशतक दर्ज हैं, जिसका मतलब है कि वह अब तक कुल 94 बार 50 या उससे अधिक का स्कोर बना चुके हैं। भारत की तरफ से सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक का स्कोर बनाने के मामले में केवल सचिन तेंदुलकर (145 बार) और विराट कोहली (131 बार) ही उनसे आगे हैं। फिलहाल रोहित भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के साथ 94 पचास प्लस स्कोर की बराबरी पर हैं।अफगानिस्तान के खिलाफ सिर्फ एक और अर्धशतक या शतक लगाते ही वह द्रविड़ को पीछे छोड़कर अकेले इस एलीट लिस्ट में तीसरे स्थान पर आ जाएंगे।
बतौर ओपनर 16,000 इंटरनेशनल रनों के महारिकॉर्ड की दहलीज पर बतौर ओपनर रोहित शर्मा ने विश्व क्रिकेट में अपनी एक अलग बादशाहत कायम की है। साल 2009 से लेकर 2026 तक बतौर ओपनर खेलते हुए रोहित ने इंटरनेशनल क्रिकेट (टेस्ट, वनडे और टी20 मिलाकर) में अब तक कुल 15,994 रन बना लिए हैं। उन्हें ओपनिंग करते हुए अपने 16,000 रन पूरे करने के लिए अब सिर्फ 6 रनों की दरकार है। धर्मशाला वनडे में महज 6 रन बनाते ही वह दुनिया के उन चुनिंदा दिग्गजों में शामिल हो जाएंगे जिन्होंने ओपनर के तौर पर इस जादुई आंकड़े को छुआ है।
भारत के गौरवशाली क्रिकेट इतिहास में वैसे तो कई महान ओपनर हुए हैं, लेकिन इंक्रिकेट में ओपनर के तौर पर 16,000 रनों का आंकड़ा पार करने वाले भारत के एकमात्र बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग हैं। सहवाग ने अपने करियर के दौरान 400 पारियों में ओपनिंग करते हुए 41.54 के औसत से 36 शतक और 67 अर्धशतकों की मदद से कुल 16,119 रन बनाए थे। रोहित शर्मा जैसे ही अपने अगले 6 रन पूरे करेंगे, वह सहवाग के बाद इस क्लब में प्रवेश करने वाले दूसरे भारतीय ओपनर बन जाएंगे। साथ ही, सहवाग के कुल रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने से भी वह अब कुछ ही कदम दूर हैं।
जब हम दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाने वाले सलामी बल्लेबाजों की सर्वकालिक लिस्ट को देखते हैं, तो श्रीलंका के सनथ जयसूर्या 563 पारियों में 19,298 रनों के साथ शीर्ष पर हैं। उनके बाद वेस्टइंडीज के ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल (506 पारियों में 18,867 रन) और ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर (462 पारियों में 18,744 रन) का नंबर आता है। दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ 421 पारियों में 16,950 रनों के साथ चौथे और वेस्टइंडीज के महान डेसमंड हेन्स 438 पारियों में 16,120 रनों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। इस लिस्ट में रोहित शर्मा वर्तमान में सातवें स्थान पर हैं, लेकिन सबसे खास बात यह है कि टॉप-7 के इन सभी महान ओपनर्स में रोहित शर्मा का बल्लेबाजी औसत (45.30) सबसे बेहतरीन और सर्वोच्च है।
ओपनर के तौर पर रोहित शर्मा का इम्पैक्ट सिर्फ रनों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी पारियां खेलने में भी उनका कोई सानी नहीं है। अब तक खेली गई 383 पारियों में रोहित ने 45 शतक और 83 अर्धशतक जमाए हैं। ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा शतकों का रिकॉर्ड डेविड वार्नर (49 शतक) और क्रिस गेल (42 शतक) के नाम है। रोहित के पास इस सीरीज और आने वाले मैचों के जरिए न सिर्फ रनों के मामले में डेसमंड हेन्स (16,120 रन) और वीरेंद्र सहवाग (16,119 रन) को पीछे छोड़ने का मौका होगा, बल्कि वह शतकों की संख्या को बढ़ाकर वार्नर के सर्वकालिक रिकॉर्ड के और करीब पहुंच सकते हैं। धर्मशाला का मैदान इस महान खिलाड़ी के एक नए युग की शुरुआत का गवाह बनने के लिए तैयार है।
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