नई दिल्ली। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। टीम में वैभव सूर्यवंशी और प्रिंस यादव जैसे नए चेहरों को पहली बार शामिल किया गया है, जबकि श्रेयस अय्यर टीम के कप्तान नियुक्त किए हैं। अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने खराब फॉर्म से गुजर रहे सूर्यकुमार यादव को न सिर्फ कप्तानी से हटाया बल्कि उन्हें टीम से भी ड्रॉप किया। ऐसे में अब टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने अजीत अगरकर के फैसले को ऐतिहासिक और क्रूर बताते हुए कहा कि सूर्यकुमार यादव को खुद को साबित करने के लिए एक मौका मिलना चाहिए था।
ईएसपीएनक्रिकइन्फो से बात करते हुए अश्विन ने कहा कि वह इस बात से हैरान हैं कि यह फैसला कैसे लिया गया और उनका मानना है कि कप्तान के रूप में सूर्यकुमार के योगदान को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए था। अश्विन ने कहा, “मैं बस खुद को सूर्यकुमार यादव की जगह पर रखकर देखना चाहता हूं और एक पल के लिए सोचना चाहता हूं कि इस समय वह कैसा महसूस कर रहे होंगे। मुझे यकीन है कि हर खिलाड़ी को टीम से बाहर किए जाने पर दुखी होने का पूरा हक है और अगर वह इसके बारे में बुरा महसूस कर रहे हैं तो यह जायज भी है, लेकिन जिस तरह से यह पूरा फैसला लिया गया है, मैं उस पूरी प्रक्रिया को लेकर थोड़ा आशंकित हूं।”
सूर्यकुमार के टीम से बाहर होने पर अश्विन ने कहा, “बेशक पिछले 18 या 15 महीनों में उनकी बल्लेबाजी फॉर्म ने साथ नहीं दिया है जैसा भी रहा हो, लेकिन फिर भी उन्होंने देश के लिए टी20 विश्व कप जीतने में कामयाबी हासिल की। एक बल्लेबाज के रूप में विश्व कप बहुत शानदार नहीं रहा, लेकिन निश्चित रूप से टीम के बाकी सभी लोगों की तरह कोच, उप-कप्तान, सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज, सबसे अच्छे प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज में से वह भी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले कप्तान रहे हैं, है ना? उन्होंने अपनी भूमिका निभाई है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने अजीत की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी और उन्होंने जो कहा वह मुझे पसंद आया। वे अगले दो साल के लिए प्लानिंग कर रहे हैं, जो कि देखने का एक काफी अच्छा तरीका है। लेकिन क्या ऐसी संभावना थी कि वे सूर्या को थोड़ा और समय दे सकते थे? और अगर आपको लगता है कि वह आपकी प्लेइंग इलेवन में सीधे जगह नहीं बनाते हैं तो क्या उन्हें वह बड़ी इंग्लैंड सीरीज दी जा सकती थी ताकि वह एक बल्लेबाज के रूप में खुद को एक बार फिर साबित कर सकें कि वह उस जगह के हकदार हैं? मुझे बस लगता है कि अपने करियर में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद वह इसके हकदार थे।”
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