खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। बीजापुर के ईटपाल में तेंदूपत्ता गोदाम में लगी भीषण आग 24 घंटे बाद भी पूरी तरह नहीं बुझ पाई है। फायर ब्रिगेड और जेसीबी की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश लगातार जारी है। इस भीषण हादसे में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, जबकि आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
बीजापुर जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूर ईटपाल में निजी तेंदूपत्ता गीदम को वन विभाग किराया पर लिया था जिसमें तेंदूपत्ता की बोरिया भंडारण किया जा रहा था इस दौरान गोदाम में सोमवार दोपहर को आग लग गई देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। करीब 27 हजार 400 स्क्वेयर फीट में फैले इस गोदाम में आग इतनी भीषण थी कि 24 घंटे बाद भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। आग बुझाने के लिए बीजापुर के साथ बचेली से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। वहीं, जेसीबी मशीनों की मदद से गोदाम का मलबा हटाकर अंदर सुलग रही आग तक पहुंचने की कोशिश लगातार जारी है।वन विभाग के सीसीएफ आलोक तिवारी बस्तर वृत्त और डीएफओ रमेश जांगड़े ने बताया गोदाम में 8 फाड़ों के तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा रहा था, जो आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा गोदाम का स्ट्रक्चर भी खाक हो गया। प्राथमिक अनुमान के मुताबिक इस हादसे में गोदाम के स्ट्रक्चर को करीब 2 से 3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया है- सीसीएफ आलोक तिवारी बस्तर वृत्त जगदलपुर
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं, वहीं इस हादसे ने तेंदूपत्ता कारोबार से जुड़े लोगों को भी बड़ा नुकसान हुआ। आग से झुलसते गोदाम को देखने मौके पर जिला कलेक्टर विश्वदीप , एसपी जितेन्द्र यादव और आला अफसर पहुंचे थे- रमेश जांगड़े dfo सामान्य बीजापुर


