khabarworld24.com – भारत में तेल का उपयोग व्यापक है, और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमतें परिवहन, कृषि, और उद्योगों पर गहरा प्रभाव डालती हैं। इसके साथ ही, सरकार की कमाई का एक बड़ा हिस्सा पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाए गए करों से आता है, जो देश की आर्थिक स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
1.भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG गैस की खपत:
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल उपभोक्ताओं में से एक है। यहां प्रति दिन की खपत इस प्रकार है:
- पेट्रोल: लगभग 30 करोड़ लीटर प्रतिदिन।
- डीजल: लगभग 85 करोड़ लीटर प्रतिदिन।
- LPG (Liquefied Petroleum Gas): भारत में प्रतिदिन लगभग 55,000 टन LPG का उपयोग होता है।
2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत:
दिसंबर 2024 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें निम्न प्रकार हैं:
- WTI (West Texas Intermediate): लगभग $68 प्रति बैरल।
- ब्रेंट क्रूड: लगभग $72.94 प्रति बैरल
इस खपत में से अधिकतर हिस्सा परिवहन, कृषि और घरेलू उपयोग के लिए होता है, खासकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए LPG का व्यापक उपयोग होता है।
3. सरकार की कमाई:
भारत सरकार की पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी कर नीति है। पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क और वैट से सरकार को भारी राजस्व मिलता है। 2023-24 में सरकार ने:
- केंद्र सरकार: पेट्रोल और डीजल से करों के माध्यम से लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया।
- राज्य सरकारें भी वैट के माध्यम से अपनी कमाई करती हैं, जो राज्य के हिसाब से अलग-अलग होती है। कुछ राज्यों में वैट की दर 30% तक हो सकती है।
4. भारत द्वारा तेल आयात:
भारत अपनी 85% से अधिक कच्चे तेल की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। आयातित तेल मुख्य रूप से निम्नलिखित देशों से आता है:
- सऊदी अरब
- इराक
- यूएई (United Arab Emirates)
- रूस
- नाइजीरिया
- कुवैत
- अमेरिका
2023 के बाद से रूस से तेल आयात में भी तेजी आई है, विशेष रूप से यूक्रेन संघर्ष के बाद भारत ने रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है।
5. तेल कंपनियों की रोजाना कमाई:
भारत में तेल कंपनियों की कमाई कई स्रोतों से होती है, जिसमें पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री, कर संग्रहण, और खुदरा नेटवर्क से आय शामिल है। सरकारी और निजी दोनों कंपनियां भारत में तेल वितरित करती हैं:
- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC): भारत की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी है, जिसकी प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चे तेल का रिफाइनिंग और वितरण होता है। IOC की दैनिक कमाई करोड़ों रुपये में होती है। उदाहरण के लिए, 2023-24 में IOC ने लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था।
- भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी अन्य सरकारी कंपनियां भी बड़ी मात्रा में कमाई करती हैं।
निजी कंपनियां भी बाजार में सक्रिय हैं, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों का बाजार में मुख्य प्रभुत्व है।
खबर वर्ल्ड24-बालकृष्ण साहू-छत्तीसगढ़

