नई दिल्ली। ड्रैगन फ्रूट देखने में जितना अलग होता है, उतना ही इसके फायदे को लेकर भी लोगों में दिलचस्पी रहती है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में इसकी खेती बड़े स्तर पर होती है और यहां इसकी पैदावार भी काफी ज्यादा है। उमस भरे मौसम में यह फल शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए इसका सेवन सही नहीं माना जाता। डाइटीशियन डॉ। ज्योति सिंह ने ड्रैगन फ्रूट के फायदे के साथ-साथ किन लोगों को इससे बचना चाहिए, इसकी जानकारी दी है। आइए जानते हैं।
डॉ. ज्योति सिंह के मुताबिक ड्रैगन फ्रूट हमारे देश का मूल फल नहीं है, लेकिन अब भारत में इसकी खेती तेजी से बढ़ रही है। खासकर मिर्जापुर में इसकी पैदावार काफी अधिक होती है। इसे रोज की डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स और पोटेशियम की मात्रा अच्छी होती है, इसलिए उमस और गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर के लिए फायदेमंद है।
उमस भरे मौसम में मिल सकता है फायदा
डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि उमस वाले मौसम में पसीना ज्यादा निकलता है। ऐसे में शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। ड्रैगन फ्रूट में इलेक्ट्रोलाइट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है, इसलिए इसके सेवन से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
विटामिन C भी भरपूर
ड्रैगन फ्रूट में विटामिन C की भी अच्छी मात्रा होती है। डाइटीशियन के मुताबिक विटामिन C शरीर की इम्युनिटी के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा इसमें आयरन की मात्रा भी होती है। ऐसे में जिन लोगों को एनीमिया या शरीर में खून की कमी है, वे अपनी डाइट में ड्रैगन फ्रूट को शामिल कर सकते हैं। डॉ. ज्योति के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह फल बेहद फायदेमंद है।
किडनी और प्रेग्नेंसी में सावधानी जरूरी
डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि कुछ लोगों को ड्रैगन फ्रूट खाने से बचना चाहिए। खासकर किडनी के मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक इन लोगों के लिए इसे अवॉइड करना बेहतर है। इसका कारण इसमें पोटेशियम की मात्रा अधिक होना है। इसलिए किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।
डाइट में कर सकते हैं शामिल
डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि इस मौसम में फलों की बहुत ज्यादा वैरायटी उपलब्ध नहीं रहती। अगर ड्रैगन फ्रूट आसपास आसानी से मिल रहा है तो इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है। खासकर उमस भरे मौसम में पसीना ज्यादा निकलने के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की समस्या हो सकती है। ऐसे में यह फल मददगार हो सकता है। हालांकि, किसी भी फल को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले अपनी सेहत और जरूरत का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर किडनी के मरीज और गर्भवती महिलाएं इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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