खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर 20-20 लाख रुपये लेकर की जा रही भर्ती प्रक्रिया काे लेकर छत्तीसगढ कांग्रेस कमेटी रायपुर के संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने आज रविवार काे प्रेस विज्ञिप्ति जारी कर उन्हाेने कुलपति मनोज श्रीवास्तव पर गंभीर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों से लाखाे के लेन-देन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एवं बस्तर के प्रतिभावान व योग्य स्थानीय युवाओं काे दरकिनार करते हुए लाखाे रूपये का भ्रष्टाचार करने के बाद भी अपने पद पर जमें हुए हैं। उन्हाेने इस मामले पर भाजपा के पूर्व विधायक के द्वारा कुलपति मनोज श्रीवास्तव पर बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों से 20-20 लाख रुपये लेकर उनका चयन करने के आराेप लगाते हुए राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा को पत्र लिखकर पूरी भर्ती प्रक्रिया की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराने और वर्तमान चयन सूची पर रोक लगाने की मांग करने के बावजूद भाजपा की गूंगी-बहरी सरकार ने कुलपति काे आगे और भी भ्रष्टाचार करने के लिए प्राेत्साहित करते हुए अब तक काेई कार्यवाही नही की गई है।
उमाशंकर शुक्ला ने कुलपति मनोज श्रीवास्तव द्वारा उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने के लिए पूरी भर्ती प्रक्रिया में गोपनीयता बरतने का आराेप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पात्र-अपात्र अभ्यर्थियों की सूची में से आवेदकों के नाम गायब कर बिना नाम और बिना अंकों के सूची जारी होने से दावा-आपत्ति की पूरी प्रक्रिया का मजाक बना दिया गया, क्योंकि किसी भी आवेदक को यह जानने का हक ही नहीं मिल रहा है कि, उसे किस आधार पर पात्र या अपात्र किया गया है। इसके अलावा, योग्य उम्मीदवारों को बिना कारण बताए नॉट फाउंड सूटेबल घोषित कर खुलेआम हेर-फेर करने और दिव्यांग अभ्यर्थियों की उपेक्षा करने जैसी गंभीर अनियमितताएं भी की गई हैं।
उन्हाेने बताया कि कुलपति श्रीवास्तव के कार्यकाल में हुई पिछली भर्तियों में भी इसी तरह दूसरे राज्यों के उम्मीदवाराें से लाखाे के लेन-देन के विवाद सामने आ चुके हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए उन्हाेने राज्यपाल व शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार से युक्त पूरी भर्ती प्रक्रिया की तत्काल उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जावे, तथा विशेष रूप से भाजपा के पूर्व विधायक के द्वारा 20-20 लाख रुपये लेन-देन के आरोपों की जांच कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर सख्त कार्यवाही किया जावे।
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