KWNS -प्रिया पाठक, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज का दिन अहम रहने वाला है, क्योंकि विधानसभा का विशेष सत्र महिला सशक्तीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्रित होगा। इस दौरान राज्य सरकार महिला आरक्षण कानून और परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।
इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सदन में तीखी बहस के आसार हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीते दिनों इस विषय पर कहा था कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का लक्ष्य विपक्ष के रुख के कारण पूरा नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह निर्णय देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को प्रभावित करने वाला है और यह केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार पर तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार महिला आरक्षण को लेकर केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन को लेकर स्पष्टता नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर जिम्मेदारी तय किए बिना इसे चुनावी मुद्दे के रूप में पेश किया जा रहा है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि वे सदन में तथ्यों के साथ सरकार के दावों का जवाब देंगे।
गौरतलब है कि विशेष सत्र पूरी तरह से टकरावपूर्ण रहने की संभावना है, जहां सत्ता पक्ष निंदा प्रस्ताव के जरिए विपक्ष को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं कांग्रेस सरकार की नीतियों और मंशा पर सवाल उठाकर जवाबी हमला करेगी।
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