KWNS -प्रिया पाठक, रायपुर। अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सर्वमंगल फाउंडेशन, समाजसेवा संस्था द्वारा भक्ति, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। संस्था की संस्थापक-अध्यक्ष अनिता दुबे के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में यह सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाज के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से झलकती नजर आई।
इस अवसर पर संस्था की सेवाभावी महिलाओं एवं सदस्यों ने रायपुर स्थित मेकाहारा (डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय) पहुंचकर कैंसर मरीजों, उनके परिजनों एवं अस्पताल के स्टाफ कर्मचारियों के बीच नाश्ता, खाद्य सामग्री एवं ठंडे पेयजल का वितरण किया। भीषण गर्मी के बीच इस प्रकार की सेवा मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत साबित हुई।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सेवा के साथ-साथ भक्ति का भी समावेश किया गया। संस्था की महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे अस्पताल परिसर को भक्तिमय बना दिया गया। भजनों की मधुर धुनों ने मरीजों के चेहरों पर सुकून और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया, जिससे वहां का वातावरण कुछ समय के लिए ही सही, लेकिन आध्यात्मिक शांति से भर गया।
संस्थापक-अध्यक्ष अनिता दुबे ने बताया कि सर्वमंगल फाउंडेशन का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना ही नहीं, बल्कि समाज में सनातन संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की मूल भावना ‘सेवा ही परम धर्म’ को अपनाते हुए संस्था निरंतर बीमार, पीड़ित, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए कार्य करती आ रही है। ऐसे आयोजन न केवल जरूरतमंदों को राहत देते हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में जब लोग अपने निजी जीवन में व्यस्त होते जा रहे हैं, तब इस प्रकार के सेवा कार्य समाज को एकजुट करने और मानवता के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराने का काम करते हैं। सर्वमंगल फाउंडेशन भविष्य में भी इसी तरह के सेवा एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
इस सेवा कार्य में संस्था की सक्रिय सदस्य शुभा शुक्ला, सपना द्विवेदी, बृजेश त्रिपाठी, राजकुमारी गुप्ता, रुद्र रॉय, रचिता रॉय, नवीन सोनी, मंजुषा जायसवाल, रश्मि पटेल, लीना ठक्कर सहित अन्य गणमान्य सदस्य एवं सहयोगी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सर्वमंगल फाउंडेशन द्वारा किया गया यह सेवा कार्य न केवल मानवता की मिसाल बना, बल्कि समाज के अन्य लोगों और संस्थाओं को भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की प्रेरणा देता नजर आया।


