KWNS -प्रिया पाठक, रायपुर l इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की सीआईआरसी रायपुर , बिलासपुर,भिलाई ,रायगढ़ और कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस सम्मेलन”आरोहण “एलिवेटिंग स्टैंडर्ड्स ऑफ बैंक ऑडिट का आयोजन आज होटल बेबीलोन कैपिटल वी आई पी चौक , रायपुर में दिनांक 26 और 27 मार्च को हुआ |
इस कार्यक्रम में देशभर से 1500 से अधिक सीए ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि के रूप में श्री गुरु खुशवंत साहेब जी छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री, विशिष्ट अतिथि के रूप में दिवाकर पी. सिंह जनरल मैनेजर ,बैंक ऑफ बड़ौदा , प्रोग्राम डायरेक्टर सीए पंकज शाह , सीए. आभय छाजेड़ सीसीएम , प्रोग्राम कन्वेनर सीए संजय बिल्थरे , प्रोग्राम को-कन्वेनर सीए सुरेश कुमार अग्रवाल थे।
इन्होंने अपने अनुभव, मार्गदर्शन तथा विचारों से आयोजन की गरिमा और महत्व को बढ़ाया।
कार्यक्रम का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री गुरू खुशवंत साहेब जी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि बैंक ऑडिट सम्मेलन से सीए को नए नियम, आरबीआई गाइडलाइन, काम करने का सही तरीका और नए टूल्स की आसान जानकारी मिलती है, जिससे उनका काम बेहतर और आसान हो जाता है।
इसमें एक्सपर्ट्स अपने अनुभव शेयर करते हैं जिससे रियल लाइफ सिचुएशन समझ में आती हैं।नए नियमों और बदलावों की जानकारी समय पर मिलती है।नेटवर्किंग का मौका मिलता है जिससे नए कॉन्टैक्ट्स बनते हैं।कुल मिलाकर यह सीए के प्रोफेशनल ग्रोथ में बहुत मदद करता है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री दिवाकर प. सिंह जनरल मैनेजर बैंक ऑफ बड़ौदा उपस्थित थे। उन्होंने राष्ट्रीय सम्मलेन में मजबूत ऑडिट प्रणाली के महत्व पर जोर दिया। बदलते आरबीआई नियमों के पालन, प्रभावी जोखिम प्रबंधन और पारदर्शिता की आवश्यकता बताई।उन्होंने फ्रॉड पहचान, डिजिटल बैंकिंग के जोखिम और ऑडिट में एआई की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को नई तकनीक अपनाने और प्रोफेशनल एथिक्स बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।उनका भाषण ऑडिट की गुणवत्ता सुधारने, आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने और बैंकिंग प्रणाली में विश्वास बनाए रखने पर केंद्रित था।
रायपुर शाखा की चेयरपर्सन सीए. रश्मि वर्मा ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्य, महत्व एवं सदस्यों के व्यावसायिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बैंक ऑडिट के बढ़ते महत्व, गुणवत्ता पूर्ण रिपोर्टिंग एवं बदलते नियामकीय परिदृश्य में अद्यतन रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सचिव सीए ऋषिकेश यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सदस्यो लिए प्रेरित किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए सत्र का समापन किया।
26 और 27 मार्च को हुए इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में अलग अलग क्षेत्र के प्रोफ़ेशनल सीए उपस्थित थे जिनका मुख्य उद्देश्य आज की युग के सीए को सही मार्ग दर्शन देना था ।
सीए लोकेश गुप्ता जी ने आईआरएसी नियम और एडवांसेज की स्क्रुटनी पर कहा कि बैंकों को आय की सही पहचान,एसेट क्लासिफिकेशन और प्रॉविजनिंग नियमों का पालन करना चाहिए। समय-समय पर लोन की गहन जांच, एनपीए पर नियंत्रण और पारदर्शिता बनाए रखना बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाता है।
सीए अभय छाजेद छाजेड ने बैंक ऑडिट में डॉक्यूमेंटेशन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सही और पूर्ण दस्तावेज ऑडिट की विश्वसनीयता बढ़ाते हैं। प्रैक्टिकल इश्यूज़ जैसे इनकंप्लीट रिकॉर्ड्स ,समय की कमी और कंप्लायंस चैलेंजेस को समझकर ऑडिटर्स को सतर्कता, सटीकता और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
सीए डी प्रेमनाथ ने सीबीएस ऑडिट में अपडेटेड एआई टूल्स के उपयोग को और विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि एआई टूल्स लार्ज डाटा को जल्दी एनालाइज करके अनयूजुअल ट्रांजैक्शन, फ्रॉड पैटर्नेस और रिस्क एरियाज पहचानने में मदद करते हैं। इससे मैनुअल काम कम होता है और एक्यूरेसी बढ़ती है। रियल टाइम मॉनिटरिंग से ऑडिटर्स तुरंत इश्यूज़ पकड़ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एआई के साथ ह्यूमन जजमेंट जरूरी है ताकि फाइनल आडिट सही और बैलेंसड रहे।
सीए नयन कोठारी ने अलएफएआर के तहत रिपोर्टिंग की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि सही, स्पष्ट और पूरी रिपोर्टिंग बहुत जरूरी है। इससे बैंक की स्थिति, रिस्क और कमियों का सही पता चलता है। अच्छी रिपोर्टिंग से मैनेजमेंट और रेगुलेटर को सही निर्णय लेने में मदद मिलती है और ट्रांसपेरेंसी बनी रहती है।
इस कार्यक्रम में रायपुर आईसीएआई मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा, वाइस चेयरमैन सीए रवि जैन, सेक्रेटरी सीए ऋषिकेश यादव, कोषाध्यक्ष सीए शीतल काला, सिकासा चेयरमैन सीए संस्कार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सीए विकास गोलछा , कार्यकारिणी सदस्य सीए आयुषि अग्रवाल , एक्स ऑफिसियो सीए पंकज शाह शामिल थे ।
कार्यक्रम में प्रायोजक के रूप में इटसा हॉस्पिटल, बैंक ऑफ बड़ौदा, श्री राम ज्वेलर्स एवं टैक्समैन का विशेष सहयोग रहा।


