KWNS – महासमुंद। खल्लारी मंदिर में रविवार को हुए दर्दनाक रोपवे हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। गंभीर रूप से घायल किसान गोविंद स्वामी (47 वर्ष) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ गई है। इससे पहले हादसे के दिन ही रायपुर की शिक्षिका आयुषी धावरे (28 वर्ष) की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
यह हृदयविदारक हादसा रविवार, 22 मार्च 2026 की सुबह उस समय हुआ, जब रायपुर के राजातालाब क्षेत्र से आए श्रद्धालु खल्लारी मंदिर में दर्शन करने के बाद रोपवे ट्रॉली के माध्यम से नीचे लौट रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक रोपवे का मुख्य केबल तेज आवाज के साथ टूट गया। केबल टूटते ही एक ट्रॉली नियंत्रण खो बैठी और सीधे सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ट्रॉली में सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
वहीं, केबल टूटने से उत्पन्न झटके के कारण दूसरी ट्रॉली असंतुलित होकर स्टेशन से जा टकराई, जिससे उसमें बैठे लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में प्रभावित लोग
खाई में गिरी ट्रॉली में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें:
गोविंद स्वामी (47)
आयुषी धावरे (28)
ऋषभ धावरे (29)
छायांश धावरे (16)
मानसी गोडरिया (12)
नमिता स्वामी (45)
अंशुमिता स्वामी (10)
इसके अलावा अन्य ट्रॉली में सवार लोग भी घायल हुए। कुल मिलाकर 16 श्रद्धालु इस हादसे में घायल हुए थे।
घायलों को तत्काल राहत और बचाव कार्य के तहत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वर्तमान में कई घायलों का इलाज रायपुर और महासमुंद के अस्पतालों में जारी है, जिनमें से कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची।
खाई में गिरी ट्रॉली तक पहुंचने में बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी
घायलों को रस्सियों और स्ट्रेचर की मदद से बाहर निकाला गया
एम्बुलेंस के जरिए तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया
स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत कार्य में अहम भूमिका निभाई और घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए:
रोपवे सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया
रोपवे संचालक कंपनी और कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में FIR दर्ज की
विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है, जो:
केबल टूटने के तकनीकी कारणों
रखरखाव (मेंटेनेंस) में हुई संभावित लापरवाही
सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति
की गहन जांच कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह हादसा ऐसे समय हुआ जब नवरात्रि के कारण खल्लारी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि:
क्या रोपवे की समय-समय पर जांच की गई थी?
क्या ओवरलोडिंग हुई थी?
क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था?
प्रबंधन की लापरवाही पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के मुख्यमंत्री ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उन्होंने:
मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने
घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने
का आश्वासन दिया है।
प्रदेश में शोक की लहर
इस हादसे ने न सिर्फ महासमुंद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया है।
एक ही परिवार के कई सदस्यों के प्रभावित होने से घटना और भी मार्मिक हो गई है।
लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि अगर समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी टाली जा सकती थी।


