KWNS – व्यास पाठक, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लागू की गई नई पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को शहर की कानून व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता में सुधार होगा और अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा भी पहले से अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार 23 जनवरी 2026 से रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत पुलिस विभाग को अधिक अधिकार और संसाधन प्रदान किए गए हैं, जिससे शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर तेजी से नियंत्रण करने में मदद मिलेगी। राजधानी होने के कारण रायपुर में पुलिस के सामने कई तरह की चुनौतियाँ रहती हैं, ऐसे में यह नई व्यवस्था पुलिस को त्वरित निर्णय लेने और कार्रवाई करने में सक्षम बनाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद अधिकारियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले रायपुर में केवल एक आईपीएस रैंक का अधिकारी कार्यरत होता था, लेकिन अब यहाँ छह से अधिक आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही एडीसीपी और एसीपी रैंक के कई अधिकारियों को अलग-अलग जोन और विभागों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पुलिस की निगरानी क्षमता बढ़ेगी और कानून व्यवस्था को लागू करना पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगा।
अधिकारियों का कहना है कि राजधानी होने के कारण रायपुर में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ वीआईपी सुरक्षा, बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों की व्यवस्था और धरना-प्रदर्शनों को संभालना भी पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। कमिश्नरी सिस्टम के लागू होने से पुलिस को इन परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में भी गति आएगी।
महिला और बाल सुरक्षा को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक स्कूल और कॉलेज के समय विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शहर के चिन्हित स्थानों पर ‘पिंक पेट्रोलिंग’ को बढ़ाया गया है। खासकर स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के समय इन स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है, ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके और छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिल सके।
कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकार भी प्राप्त हुए हैं। पहले जिन मामलों की सुनवाई एसडीएम स्तर पर होती थी, अब वे मामले एसीपी, डीसीपी और पुलिस कमिश्नर स्तर पर ही सुने जा सकेंगे। इससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और प्रशासनिक प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कमिश्नरी सिस्टम के लागू होने से रायपुर में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा तथा नागरिकों को अधिक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।


