नई दिल्ली में साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन
KWNS – रायपुर। छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में 25 से 27 फरवरी तक आयोजित साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का भव्य पवेलियन आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। पवेलियन में राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, आध्यात्मिक धरोहर, वन्यजीव पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
तीन दिवसीय आयोजन में पर्यटन मंडल के साथ पंजीकृत 36 स्टेकहोल्डर संस्थाओं ने संयुक्त रूप से भाग लिया। उन्होंने देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स और ट्रैवल विशेषज्ञों के सामने राज्य की पर्यटन संभावनाओं का विस्तृत परिचय कराया। विशेष रूप से बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, इको-टूरिज्म मॉडल, जलप्रपातों और घने वनों से आच्छादित प्राकृतिक स्थलों की प्रस्तुति को व्यापक सराहना मिली।
प्रदर्शनी के दौरान पवेलियन पर लगातार विभिन्न राज्यों के साथ-साथ श्रीलंका, नेपाल और भूटान सहित कई देशों से आए प्रतिनिधियों की आवाजाही बनी रही। इससे छत्तीसगढ़ के प्रति उत्सुकता बढ़ी और संभावित निवेश अवसरों को भी बल मिला।
स्टेकहोल्डर्स को इस दौरान सकारात्मक व्यावसायिक प्रतिसाद प्राप्त हुआ तथा कई संभावित साझेदारियों पर प्रारंभिक चर्चा भी हुई। पर्यटन विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ को “इमर्जिंग डेस्टिनेशन” बताते हुए इसकी अप्रयुक्त संभावनाओं की खुलकर सराहना की। राज्य में विकसित हो रहे इको-रिसॉर्ट्स, हेरिटेज प्रॉपर्टीज, जनजातीय पर्यटन सर्किट और फिल्म पर्यटन गतिविधियों ने भी आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्य की सशक्त उपस्थिति उसके उज्ज्वल पर्यटन भविष्य का संकेत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, प्राकृतिक विविधता और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना सरकार का संकल्प है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


