KWNS – व्यास पाठक, रायपुर l छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को प्रश्नकाल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार पर गलत जानकारी देकर सदन और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने पूरे मामले की जांच (परीक्षण) कर आगे उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जवाब में बदलाव पर उठे सवाल
प्रश्नकाल के दौरान महंत ने कहा कि एसटीपी परियोजनाओं को लेकर सरकार द्वारा बार-बार संशोधित जवाब दिए जा रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले भेजे गए उत्तर में 26 एसटीपी का उल्लेख था, जबकि बाद में संशोधित जवाब में यह संख्या 21 कर दी गई।
इस पर मंत्री अरुण साव ने स्वीकार किया कि बाद में संशोधित उत्तर उपलब्ध कराया गया है और वही अंतिम स्थिति है।
सरकार का पक्ष: केंद्र-राज्य मिलकर कर रहे काम
मंत्री साव ने सदन को बताया कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर शहरी क्षेत्रों में सीवेज प्रबंधन को सुधारने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही हैं। उनके अनुसार—
12 नगरीय निकायों में 21 एसटीपी स्वीकृत हैं
68 नगरीय निकायों के लिए कुल 96 एसटीपी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहरों में जल प्रदूषण कम होगा और स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी।
“हर बार प्रक्रियाधीन” जवाब पर नाराज़गी
नेता प्रतिपक्ष महंत ने विशेष रूप से अपने विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एसटीपी प्लांट की जानकारी मांगने पर हर बार “प्रक्रियाधीन” होने का जवाब मिलता है।
उन्होंने तीखे अंदाज़ में पूछा कि यदि अधिकारी बार-बार गलत या भ्रामक जानकारी देते हैं तो उनके लिए क्या दंड या जवाबदेही तय है।
कार्रवाई का आश्वासन
इस पर मंत्री अरुण साव ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी अधिकारी द्वारा गलत जानकारी दी गई है या लापरवाही सामने आती है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


