KWNS – व्यास पाठक, रायपुर। राजधानी में 23 जनवरी से लागू पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के बाद नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार करने के लिए रायपुर पुलिस ने पहली बार एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया है। पुलिस कमिश्नर द्वारा सोमवार को इस संबंध में लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस विशेष टीम का मुख्य उद्देश्य शहर में मादक पदार्थों की तस्करी, सप्लाई नेटवर्क और नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
डीसीपी क्राइम की सीधी निगरानी
नवनिर्मित टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली की सीधी मॉनिटरिंग डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला द्वारा की जाएगी। वहीं एसीपी अनुज कुमार (क्राइम एवं साइबर) को टीम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह टीम नशे से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, खुफिया जानकारी एकत्र करने, संदिग्धों की सतत निगरानी और बड़े नेटवर्क का खुलासा करने पर विशेष ध्यान देगी।
नशे के कारोबार पर सख्त वार
रायपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी सफलता हासिल की थी। पुलिस ने कुल 445 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जिनमें 287 आरोपी गांजा तस्करी से जुड़े थे, जबकि 116 आरोपी ड्रग्स तस्करी के मामलों में पकड़े गए। कार्रवाई के दौरान लगभग 2.81 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनमें हेरोइन, अफीम और एमडीएमए जैसे खतरनाक नशे शामिल हैं।
बड़े ड्रग नेटवर्क भी ध्वस्त
पुलिस की सख्त कार्रवाई के चलते तस्करी में लिप्त 13 बड़े ड्रग कार्टेल को भी ध्वस्त किया जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि नई एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन से शहर में नशे के अवैध कारोबार पर और अधिक प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा तथा युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने में मदद मिलेगी।
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


