KWNS – नई दिल्ली। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गुरूवार को लोकसभा में छत्तीसगढ़ सहित देश भर के अन्य राज्यों के ग्रामीण परिवारों में नल से सीधे जल कनेक्शन के बारे में सरकार से पूछताछ पड़ताल की। जिस पर जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने बताया कि जनवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ में 49.97 लाख ग्रामीण परिवारों में से 41. 01 लाख से अधिक परिवारों के पास नल से जल का सीधे कनेक्शन है। जबकि देशभर में 19. 36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15. 79 करोड़, करीब 82 फ़ीसदी से अधिक परिवारों को नल से सीधे जल की आपूर्ति हो रही है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जल शक्ति मंत्री से सवाल किया कि हर घर नल से जल की योजना का ब्यौरा क्या है और इससे देश में विशेष कर जनवरी 2026 की शुरुआत तक छत्तीसगढ़ में लाभान्वित हुए लाभार्थियों की संख्या कितनी है। सांसद अग्रवाल ने आगे पूछा कि नल कनेक्शन की लंबी अवधि की कार्य क्षमता की निगरानी करने और छत्तीसगढ़ सहित राज्यवार कवर की गई बस्तियों को पुनः कवर न की गई बस्तियों के रूप में बदलाव पर निगरानी रखने के लिए सरकार किस तरह का कार्य कर रही है।साथ ही 100% संचालन और रखरखाव ओ एंड एम लागत के लिए पर्याप्त उपयोगकर्ता शुल्क उत्पन्न करने की उनकी क्षमता के संबंध में ग्राम जल और स्वच्छता समितियां की वर्तमान स्थिति क्या है। क्या सरकार ने विशेष कर ग्राम पंचायत में पंप की मरम्मत और बिजली की बकाया के भुगतान के लिए 15 वें वित्त आयोग से संबंध अनुदानों के उपयोग की सुविधा प्रदान की है और यदि की है तो उसकी जानकारी दी जाए।
राज्य मंत्री सोमन्ना ने जानकारी दी कि देशभर में हर घर जल का कारवां जल जीवन मिशन के तहत सफ़लतापूर्वक संपन्न किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों संघ राज्य क्षेत्र को सलाह दी गई है कि वह ग्राम पंचायत, बीडब्ल्यूएस सी को योजनाओं को सौंपने उन्हें उपयोगकर्ता प्रभार लगाने के लिए सशक्त बनाने, उपयोगकर्ता शुल्क के संग्रह के लिए महिला एसएचजी शामिल करने के प्रावधान के साथ व्यापक ओ एंड एम नीति स्थापित करें। चालान तथा रखरखाव की उद्देश्य से 15 वें वित्त आयोग के तहत जल और स्वच्छता के लिए सशर्त अनुदान का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है। राज्य संघ राज्य क्षेत्र को सौर ऊर्जा आधारित स्टैंड अलोन जल आपूर्ति प्रणालियों जैसे प्रौद्योगिकी हस्तक्षेपों का पता लगाने की भी सलाह दी गई है ताकि बिखरे हुए अलग-अलग आदिवासी गांव के लिए ओ एंड एम प्रभारोऔर बिजली आपूर्ति की निर्भरता को काम किया जा सके।


