नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के जंगलों में बेशकीमती औषधीय पेड़-पौधों के बीच कौंच का पौधा भी पाया जाता है। स्थानीय ग्रामीण भाषा में इसे केवांच कहा जाता है। कौंच का पौधा न सिर्फ आयुर्वेदिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, बल्कि जंगलों में रहने वाले लोगों की आजीविका का साधन है। ग्रामीण जंगलों में स्वतः उगने वाले कौंच के फलों और अन्य भागों का उपयोग उनकी प्रकृति के अनुसार दैनिक जीवन में किया जाता है। हालांकि, इसके फलों पर मौजूद विशेष प्रकार के रोए असहनीय खुजली पैदा करते हैं, जिस कारण ग्रामीण इसके पास जाने से भी डरते हैं।
आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कौंच को बघेली बोली में केवाच कहा जाता है। यह पौधा मानसून के दौरान जंगलों और बाड़ियों में उग आता है। इसकी फली पर मौजूद महीन रोए शरीर के संपर्क में आते ही तीव्र खुजली पैदा करते हैं। हवा के माध्यम से ये रोए शरीर से चिपक सकते हैं, इसी डर से लोग इसके आसपास भी नहीं जाते हैं।
डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि सामान्य बोलचाल में कौंच (केवाच) कहा जाता है, जबकि इसका वैज्ञानिक नाम मुकुना प्रिरीयंश है। इस पौधे के बीज, पत्तियां और जड़ तीनों औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इसमें एंटी-कंपकंपी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की कंपन, चलने-फिरने में असमर्थता और तंत्रिका-तंत्र की कमजोरी को दूर करने में सहायक हैं। आयुर्वेद में कौंच बीज का उपयोग शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने में किया जाता है। वाजीकरण रसायन होने के कारण इसके बीज का चूर्ण हार्मोनल असंतुलन, कमजोरी और नपुंसकता जैसी समस्याओं में उपयोगी माना जाता है। हालांकि, अधिक मात्रा में सेवन से दस्त हो सकते हैं। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
डॉ. सिंह के अनुसार, कौंच का पौधा पूरी तरह औषधीय है। इसके बीज का चूर्ण खीर में मिलाकर खाने से लकवा जैसी बीमारी में लाभ मिलता है, जबकि इसकी जड़ का काढ़ा पेट संबंधी रोगों, दस्त और पेचिश में उपयोगी है। इन्हीं चमत्कारी गुणों के कारण कौंच को मैजिक बीन भी कहा जाता है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं। इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें। K.W.N.S. किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
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