खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-सुकमा। जिले के कोंटा विकासखंड अंर्तगत डब्बामरका गांव में अज्ञात बीमारी को लेकर फैली दहशत के बीच अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पहले हाथ-पैर में सूजन और एक युवक की मौत के बाद गांव में भय का माहौल बन गया था, लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई के बाद किए गए घर-घर सर्वे में फिलहाल किसी नए मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। डब्बामरका गांव की कुल जनसंख्या लगभग 290 है तथा गांव में 68 घर हैं। यह गांव एक ही पारा में बसा हुआ है, जिसमें सरपंच पारा भी शामिल है। बीमारी की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और स्वास्थ्य विभाग की टीम को तत्काल गांव भेजा गया, जिसके बाद सतत निगरानी शुरू की गई। गांव में प्राथमिक जांच अभियान चलाया गया, जिसमें 51 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान हाथ-पैर में सूजन के लक्षण पाए जाने पर 7 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए सुकमा जिला अस्पताल रेफर किया गया। सभी मरीजों का उपचार जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।
इसके बाद स्थिति की दोबारा समीक्षा करते हुए 9 जनवरी को गांव में घर-घर सर्वे अभियान चलाया गया, इस दौरान 190 ग्रामीणों की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि सर्वे में हाथ-पैर में सूजन के लक्षण वाला कोई भी नया मरीज नहीं मिला। इससे यह स्पष्ट हुआ कि बीमारी फिलहाल आगे नहीं फैल रही है। प्रशासन द्वारा गांव में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पेयजल स्रोतों की भी जांच कराई जा रही है, ताकि किसी प्रकार के संक्रमण की आशंका को रोका जा सके। ग्रामीणों को साफ पानी उपयोग करने, खुले में भोजन न करने तथा किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि पहले सामने आई खबरों में यह बात उजागर हुई थी कि कुछ ग्रामीण अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक और पारंपरिक उपचार का सहारा ले रहे थे। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को समझाइश दी है कि किसी भी बीमारी की स्थिति में केवल चिकित्सकीय उपचार ही अपनाएं। फिलहाल प्रशासनिक सक्रियता और सतत निगरानी के चलते डब्बामरका गांव में हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी गांव पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि डब्बामरका में स्थिति अब नियंत्रण में है, ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का समुचित उपचार जारी है और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
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