नई दिल्ली। सर्दियों में बाजरे की रोटी का सेवन खूब किया जाता है। यह न सिर्फ शरीर को गर्म रखती है बल्कि इसमें मौजूद तत्व हमारे शरीर को कई तरह से फायदे भी पहुंचाते हैं। कई लोग इसका सेवन सुबह करते हैं, वहीं बहुत लोग इसे रात के समय खाते हैं। चूंकि बाजरे की रोटी पचने में समय लेती है, इसलिए विशेषज्ञों के अनुसार इसका सेवन दोपहर में करना सबसे फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें कॉम्प्लेक्स कार्ब्स की मात्रा अधिक पाई जाती है।
बाजरे में फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाव करता है। सर्दियों में बाजरे की रोटी का सेवन शरीर को गर्म रखता है और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इसके अलावा, डायबिटीज के मरीजों के लिए बाजरे की रोटी विशेष रूप से फायदेमंद है, क्योंकि इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने में मदद करता है। ऐसे में डायबिटीज रोगी गेहूं की रोटी की बजाय बाजरे की रोटी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
वजन घटाने के लिए बाजरे की रोटी बेहद कारगर हो सकती है। फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह लंबे समय तक पेट भरा रखती है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और आप आसानी से अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं। ऐसे में मोटापे की समस्या से परेशान लोग बाजरे की रोटी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
सर्दियों में जोड़ों के दर्द और हड्डियों की कमजोरी से राहत पाने के लिए बाजरे की रोटी बेहद फायदेमंद है। इसमें कैल्शियम और फॉस्फोरस की भरपूर मात्रा होती है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह रोटी खासकर लाभकारी है। साथ ही, बाजरे की रोटी ऊर्जा का अच्छा स्रोत भी है, जिससे शरीर थका नहीं लगता और एक्टिव रहता है।
बाजरे में आयरन और जिंक जैसे मिनरल्स होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और सर्दियों में होने वाले संक्रमण से बचाव करते हैं। अब खीरी जनपद में किसान भी बाजरे की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कृषि विभाग किसानों को मोटे अनाजों के महत्व के प्रति जागरूक कर रहा है, जिससे धीरे-धीरे अधिक किसान बाजरे की खेती कर मुनाफा कमा रहे हैं।
बाजरे की रोटी बनाते समय ध्यान दें कि आटा ताजा हो, वरना बेलने में दिक्कत आएगी। आटा गूंथते समय गुनगुना पानी इस्तेमाल करें। सर्दियों में बाजरे की रोटी को गुड़ और घी के साथ खाने से यह न केवल स्वादिष्ट बनती है, बल्कि पौष्टिक भी रहती है।
Trending
- अंतिम सांस तक संघर्ष की सीख देता है खेल: कुलपति प्रो. मनोज दयाल
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में जरूरतमंदों के पक्के घर का सपना हो रहा साकार
- राखी के धागे में विष्णु भैया का साथ, महतारी वंदन की राशि से कुसुम की रक्षाबंधन की खुशियां हुईं दोगुनी
- ताशकंद पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति मिर्जियोयेव से होगी अहम द्विपक्षीय वार्ता
- नेपाल में बाढ़ के बीच शर्मनाक हरकत, नदी में बहकर आया बैंक का सेफ तोड़कर निकाले लाखों रुपये; 29 गिरफ्तार
- महतारी वंदन बना रंभा बाई का सहारा, स्वास्थ्य जांच से लेकर आने-जाने तक की जरूरतें हो रहीं पूरी
- शनिवार बना सीखने-खेलने और सृजन का दिन, बैगलेस डे पर स्कूलों में दिखी नई रौनक
- बिलासपुर हिंसा पर भूपेश बघेल का सरकार पर हमला, बोले- ‘गृह मंत्रालय नहीं संभल रहा, अपना जिला भी नहीं’


