खबर वर्ल्ड न्यूज़ – प्रिया पाठक, रायपुर। बिलासपुर में शुक्रवार रात हुई हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार और गृह मंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गृह मंत्रालय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार से न तो गृह मंत्रालय संभल रहा है और न ही गृह मंत्री अपना जिला संभाल पा रहे हैं। बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार की स्थिति लाचार और खराब है।
भूपेश बघेल ने कहा, “इसका मतलब यह है कि गृह मंत्री अक्षम हैं। गृह मंत्रालय नहीं संभल रहा है, अपना जिला नहीं संभल रहा है। स्थिति लाचार और खराब है। ये सिर्फ वसूली में लगे हैं।” उन्होंने कहा कि किसी पर आरोप लगा देना आसान है, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई करना अलग बात है। बघेल ने आरोप लगाया कि आरएसएस से जुड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है और इसलिए केवल आरोप लगाए जा रहे हैं।
शुक्रवार रात बिलासपुर में बिगड़े थे हालात
बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात दो पक्षों के बीच विवाद के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी की बात सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। कई वाहनों, घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई।
हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पथराव में तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी के सिर में चोट लगी, जबकि एक आरक्षक समेत कई लोग घायल हुए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह हेलमेट पहनकर मौके पर पहुंचे। जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। तड़के करीब चार बजे तक थाने और आसपास के इलाकों में भीड़ जुटी रही।
पुलिस अब उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज खंगाल रही है। दोनों पक्षों के नामजद लोगों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बलवा, धारा 307 और धारा 191 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 144 लागू है। कलेक्टर और एसएसपी ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया।
मंत्रियों की 1-to-1 चर्चा पर भी सरकार को घेरा
रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के बीच हुई 1-to-1 चर्चा को लेकर भी भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंत्री अपने काम का ठीक से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं और अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं।
बघेल ने कहा, “मंत्री अपने कार्यों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं, अधिकारी इनकी बात नहीं सुन रहे हैं। दूसरी बात सरकार के पास पैसा नहीं है तो करेंगे क्या। खाली बैठे हुए हैं, कोई काम-धाम नहीं है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार के कामकाज में कई स्तर से हस्तक्षेप हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक नेता किसी अधिकारी को काम करने के लिए फोन करता है, तो चार नेता उसी काम को नहीं करने के लिए फोन कर देते हैं। इससे अधिकारी भी असमंजस में रहते हैं कि आखिर किसकी बात सुनी जाए।
बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि “इनसे सरकार नहीं संभल रही है।”


