खबर वर्ल्ड न्यूज़ – ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंच गए। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत में भारत और उज्बेकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ विकास और सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी की ताशकंद यात्रा को दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई गति देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वार्ता के दौरान आर्थिक विकास, व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में आपसी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है।
‘विकसित भारत@2047’ और ‘उज्बेकिस्तान-2030’ पर चर्चा
बैठक में भारत के ‘विकसित भारत@2047’ के विकास दृष्टिकोण और उज्बेकिस्तान के ‘उज्बेकिस्तान-2030’ विजन के बीच साझा प्राथमिकताओं पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। दोनों देशों के विकास एजेंडे में आर्थिक प्रगति, आधुनिक बुनियादी ढांचा और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार जैसे विषय प्रमुख हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव द्विपक्षीय सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों की समीक्षा के साथ भविष्य की साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा कर सकते हैं। दोनों पक्ष सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करते हुए आगे की दिशा तय कर सकते हैं।
मध्य एशिया में भारत की कूटनीतिक सक्रियता
ताशकंद यात्रा को मध्य एशिया में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। उज्बेकिस्तान मध्य एशिया में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में नई ऊर्जा आने और दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।


