खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। मनरेगा कानून में बदलाव के बाद कांग्रेस देश भर में मोदी सरकार के खिलाफ हमलावर हो गई। एआईसीसी के निर्देश पर पहुंचे वरिष्ठ नेता एवं सांसद शशिकांत सैथिल ने मोदी सरकार और भाजपा की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुधार के नाम पर पीएम मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना को खत्म कर दिया। यह महात्मा गांधी का नाम और उनकी सोच खत्म करने समेत गरीबों से काम का अधिकार छीनने का षड्यंत्र है। दो दशकों तक नरेगा करोड़ों ग्रामीण परिवारों की लाइफलाइन रहा है। कांग्रेस सड़क से संसद तक मजदूर और फेडरल विरोधी हमले का विरोध करेगी।
राजीव भवन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी में चर्चा के दौरान सांसद एस. सेंथिल ने आरोप लगाए कि 2014 से ही मोदी मनरेगा के खिलाफ रहे हैं। 11 सालों में सुनियोजित ढंग से मनरेगा को कमजोर किया। बजट कटौती, राज्यों से कानूनी तौर पर जरूरी फंड रोकने, जॉब कार्ड हटाने और आधार बेस्ड पेमेंट की मजबूरी के जरिए लगभग सात करोड़ मजदूरों को बाहर किया।
बदले की राजनीति को झटका
सांसद ने कहा, नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत द्वारा सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी पर ईडी का केस खारिज करने से मोदी-शाह की बदले की राजनीति को तगड़ा झटका लगा। टारगेट करने वाला राजनीति से प्रेरित केस कानून से नहीं बल्कि निजी नफरत से प्रेरित था। कोर्ट ने शिकायत को आधारहीन बताते हुए संज्ञान लेने से भी इनकार कर दिया। जिससे यह मामला एक खोखला राजनीतिक बदला साबित हुआ। पांच सालों में मनरेगा सालाना बमुश्किल 50-55 दिन काम देने तक सिमट गया है। सौ फीसदी केन्द्र से फंडेड मनरेगा में अब राज्यों को 40 फीसदी खर्च उठाने मजबूर किया जाएगा। यह फाइनेंशियल धोखा है।
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