खबर वर्ल्ड न्यूज-शिव तिवारी-बिलासपुर। झारखण्ड में बंधक बनाए गए 18 श्रमिकों को छुड़ा लिया गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर बिलासपुर जिला प्रशासन ने सिमडेगा (झारखंड) जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर श्रमिकों को मुक्त कराने के लिए आवश्यक कदम उठाया। बंधक बनाए गए श्रमिकों ने शिकायत की थी कि उन्हें ईंट भट्ठे में अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जा रहा है। जहां पुरष श्रमिक के साथ मारपीट और महिलाओं से छेड़छाड़ की जा रही थी। 9 दिसंबर को हुए कलेक्टर जनदर्शन में यह शिकायत की गई थी।
दरअसल, साप्ताहिक कलेक्टर जनदर्शन में ग्राम सरगवां, मस्तूरी निवासी अमित कुमार मधुकर ने आवेदन के जरिए बताया था कि उनके गांव के 18 श्रमिक झारखंड के सिमडेगा जिले में एक ईंट भट्ठे में बंधक बनाए गए हैं। इनमें 16 महिलाएं, पुरुष और दो बच्चे शामिल हैं। सभी बंधक श्रमिकों को सकुशल अपने गृह ग्राम सरगवां, तहसील मस्तूरी वापस लाए गए। उन्होंने कलेक्टर, श्रम विभाग और जिला प्रशासन का आभार जताया। श्रम विभाग ने शिकायत के आधार पर संबंधित लेबर ठेकेदार नीलकंठ अंबेडकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं आने वाले दिनों में विभाग श्रम न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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