मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन का विशेष महत्व है। प्रथा है कि इस दिन पुरुषोत्तम श्रीराम का विवाह माता सीता से हुआ था। हर साल इस दिन को भगवान राम और मां सीता की शादी की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है।
श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है। इस साल 25 नवंबर 2025 को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।
इस दिन ध्रुव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शिववास योग जैसे अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन उनकी पूजा अर्चना करने से साधक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती हैं।
इतना ही नहीं वैवाहिक जीवन भी सुखमय होता है। इस दिन सीता-राम के मंदिरों में विशाल आयोजन होते हैं। भक्त पूजा, यज्ञ और अनुष्ठान करते हैं। कई स्थानों पर श्री रामचरितमानस का पाठ भी किया जाता है।
विवाह पंचमी
पंचमी तिथि आरंभ – 24 नवंबर, रात 09:22 बजे
पंचमी तिथि समाप्त – 25 नवंबर, रात 10:56 बजे
सनातन धर्म में उदया तिथि का मान होने के कारण, 25 नवंबर 2025 को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु श्रीराम-सीता विवाह की वर्षगांठ के रूप में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
विवाह पंचमी पर 3 शुभ योग
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस बार विवाह पंचमी के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं। इन योगों में भगवान श्रीराम और माता जानकी की पूजा करने से जीवन में सुख, सौभाग्य और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।
ध्रुव योग- स्थिरता और सफलता का प्रतीक
सर्वार्थ सिद्धि योग- सभी कार्यों में सफलता देने वाला योग
शिववास योग- शुभता और सौभाग्य को बढ़ाने वाला योग
सुयोग्य जीवनसाथी के लिए उपाय
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि जिन लोगों के विवाह में बाधाएं आ रही हो या फिर विलंब हो रहा हो उन्हें विवाह पंचमी के दिन व्रत रखना चाहिए और विधि-विधान के साथ भगवान राम और माता सीता का पूजन करना चाहिए।
इसी के साथ प्रभु श्री राम और माता सीता का विवाह संपन्न करवाना चाहिए। पूजन के दौरान अपने मन में मनोकामना कहनी चाहिए। मान्यता है कि इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं साथ ही सुयोग्य जीवन साथी की प्राप्ति होती है।
शीघ्र विवाह और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए उपाय
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही हो या वैवाहिक जीवन में समस्याएं चल रही हो उन्हें विवाह पंचमी के दिन विधिपूर्वक पूजन करने के साथ ही रामचरितमानस में दिए गए राम-सीता प्रसंग का पाठ करना चाहिए।
मान्यता है कि पूर्ण श्रद्धा से यह पाठ करने पर वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और विवाह में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं।
रामचरितमानस का पाठ
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि मार्गशीर्ष की पंचमी तिथि को ही तुलसीदास जी ने रामचरितामानस पूर्ण की थी, साथ ही राम जी और सीता जी का विवाह भी इसी दिन हुआ था इसलिए विवाह पंचमी के दिन रामचरितमानस का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि यदि इस दिन रामचरितमानस का पाठ किया जाए तो घर में सुख-शांति आती है साथ ही मनोकामना पूर्ण होती है।
विवाह पंचमी का महत्व
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि यह दिन उन लोगों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। जिनके विवाह में कोई बाधा आ रही है। ऐसे व्यक्तियों को विवाह पंचमी के दिन विधि विधान से भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा करनी चाहिए।
इससे शादी में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। साथ ही अच्छा जीवनसाथी प्राप्त करें। इतना ही नहीं अगर शादीशुदा लोग इस व्रत को रखते हैं, तो विवाह में होने वाली सभी परेशानियां दूर हो जाती है। विवाह पंचमी के दिन घर में रामचरितमानस का पाठ करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
विवाह पंचमी पूजा विधि
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस दिन जातक सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और पूजा के लिए साफ कपड़े पहनें। भगवान राम और माता सीता की मूर्ति स्थापित करें। प्रभु राम को पीले वस्त्र और माता सीता को लाल वस्त्र अर्पित करें।
फिर तिलक करें, धूप करें और विधि-विधान से पूजा शुरू करें। साथ ही मिट्टी के दीये जलाएं और इससे अपने घर को सजाएं।
विवाह पंचमी पर क्या करें
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि विवाह पंचमी पर उपवास रखना शुभ माना जाता है। इस दिन प्रभु राम और देवी सीता की विधिवत पूजा करनी चाहिए। इस दिन ज्यादा से ज्यादा धार्मिक कार्य करने चाहिए। इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
इस दिन गंगा नदी में पवित्र स्नान करना चाहिए। इस पावन तिथि पर सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। इस दिन असहाय लोगों की मदद करनी चाहिए। इस दिन रामसीता के मंदिरों में दर्शन के लिए जाना चाहिए।
विवाह पंचमी पर क्या न करें?
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस शुभ दिन पर भूलकर भी तामसिक भोजन जैसे – अंडा, प्याज, लहसुन और मांस आदि का सेवन न करें। इस तिथि पर शराब का सेवन करने से बचना चाहिए। इस दिन बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए।
इस दिन जीवनसाथी के साथ विवाद करने से भी बचना चाहिए। इस दिन जुए नहीं खेलना चाहिए। इस दिन बड़ों का अपमान करने से बचना चाहिए।
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि K.W.N.S. किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
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