खबर वर्ल्ड न्यूज-आशीष कंठले-बेमेतरा। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने आम नागरिकों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। अब पारंपरिक बिजली उपभोक्ता खुद ऊर्जा उत्पादक बन रहे हैं। बेमेतरा जिले के पंजाबी कॉलोनी निवासी इंदर सिंह दत्ता ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर इस योजना का लाभ उठाया है। मात्र एक माह में उनके सोलर प्लांट ने 320 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन किया है। दत्ता ने बताया कि इस प्लांट से न केवल बिजली बिल में राहत मिली है, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर आय भी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में आम नागरिक को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का माध्यम है।
डबल सब्सिडी से दोगुना लाभ
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार से 78 हजार तथा राज्य सरकार से 30 हजार रूपए की सब्सिडी प्राप्त होती है। इस प्रकार उपभोक्ता को कुल एक लाख 8 हजार रूपए की आर्थिक सहायता शासन से मिलती है। योजना के अंतर्गत डबल सब्सिडी से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और उन्हें सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।
इंदर सिंह दत्ता ने कहा कि यदि अधिक से अधिक नागरिक इस योजना को अपनाते हैं, तो आने वाले समय में न केवल शहर, बल्कि पूरा प्रदेश ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकता है। उन्होंने बताया कि यह योजना दोहरा लाभ प्रदान कर रही है । एक ओर बिजली बिल से राहत, तो वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी का अवसर मिल रहा है।
योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया सरल
योजना का लाभ लेने के लिए नागरिक https://pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी बिजली उपभोक्ता संख्या और मोबाइल नंबर के साथ पंजीकरण कर सकते हैं। इसके पश्चात अधिकृत वेंडर का चयन कर सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया जा सकता है। यदि उपभोक्ता वेंडर की सेवा से असंतुष्ट हैं, तो वेंडर बदलने की सुविधा भी उपलब्ध है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सार्थक पहल
केंद्र एवं राज्य सरकार की यह संयुक्त पहल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।इस योजना के माध्यम से हर घर की छत बिजली उत्पादन का केंद्र बनेगी, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से ‘हर घर सौर, हर घर रोशन’ का लक्ष्य अब साकार होता दिखाई दे रहा है
मुख्य बिंदु
केंद्र और राज्य सरकार से कुल एक लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी।
3 किलोवाट सोलर रूफटॉप से प्रति माह 300 से अधिक यूनिट उत्पादन।
बिजली बिल से राहत और अतिरिक्त आमदनी का अवसर।
योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।
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