खबर वर्ल्ड न्यूज-शिव तिवारी-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम ने डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रदेश का यह पहला नगरीय निकाय व्हाट्सएप आधारित स्मार्ट चैटबॉट सेवा शुरू करने जा रहा है, जिससे नागरिक घर बैठे विभिन्न नागरिक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन के तहत ‘स्वच्छ वार्ड चैलेंज’ की शुरुआत से शहर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शुमार करने का प्रयास तेज हो गया है।
स्मार्ट चैटबॉट: घर बैठे सेवाओं का नया द्वार
बिलासपुर नगर निगम, जो 2011 की जनगणना के अनुसार 3,31,030 की आबादी वाला एक प्रमुख शहरी केंद्र है, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित चैटबॉट के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 2019 में सीमा विस्तार के बाद निगम में 70 वार्ड शामिल हो चुके हैं, जिनमें लगभग 3.65 लाख (अनुमानित) शहरी आबादी निवास करती है। यह चैटबॉट मेटा की उन्नत तकनीक पर आधारित होगा, जो नागरिकों को प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी, भुगतान, बिल्डिंग परमिशन, शिकायत पंजीकरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी 10 से अधिक प्रमुख सेवाएं प्रदान करेगा।
चैटबॉट कैसे काम करेगा?
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संपर्क नंबर: नागरिकों को केवल व्हाट्सएप नंबर 91 88157 82574 पर ‘हाथ’ या ‘नमस्ते’ मैसेज भेजना होगा।
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स्वचालित प्रतिक्रिया: मैसेज के जवाब में सेवाओं की सूची प्राप्त होगी, जिसमें नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे।
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प्रसंस्करण समय: अधिकांश सेवाएं चंद मिनटों में पूरी हो जाएंगी, जिससे पारंपरिक कार्यालय दौड़ की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
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उपलब्धि लक्ष्य: निगम का अनुमान है कि पहले वर्ष में कम से कम 50% नागरिक (लगभग 1.80 लाख) इस सुविधा का उपयोग करेंगे, जो डिजिटल सेवाओं के विस्तार से प्रेरित है। राष्ट्रीय स्तर पर, इसी तरह की सेवाओं से मुंबई बीएमसी में 80 से अधिक सेवाओं के माध्यम से लाखों नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं।
निगम आयुक्त ने बताया, “यह कदम डिजिटल इंडिया के तहत उठाया गया है, जहां छत्तीसगढ़ में शहरीकरण दर 23% से अधिक है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।” निगम वेबसाइट (bmcbilaspur.com) और सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना है।
स्वच्छ वार्ड चैलेंज: स्वच्छता में नया जोश, 10 लाख का इनाम
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बिलासपुर नगर निगम ने शहर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के संकल्प को मजबूत करने के लिए ‘स्वच्छ वार्ड चैलेंज’ की शुरुआत की घोषणा की है। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू द्वारा घोषित इस प्रतियोगिता में 70 वार्डों में से हर माह सर्वेक्षण किया जाएगा। सबसे स्वच्छ वार्ड को स्वच्छता मानकों पर आधारित 10 लाख रुपये का पुरस्कार विकास कार्यों के लिए प्रदान किया जाएगा।
चैलेंज के प्रमुख आंकड़े और प्रभाव
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वार्डों की संख्या: 70 (2019 में 66 से वृद्धि)।
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अनुमानित लाभार्थी: सभी 3.65 लाख निवासी, विशेष रूप से नए शामिल 4 वार्डों के 50,000 से अधिक निवासी।
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सर्वेक्षण पैमाने: कचरा प्रबंधन, सीवरेज, हरित क्षेत्र और नागरिक भागीदारी पर आधारित, जहां राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ने 3-10 लाख आबादी वाले शहरों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
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राष्ट्रीय संदर्भ: स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 (2020-2025) में 1.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में 100% कचरा संग्रहण लक्ष्य है। बिलासपुर में वर्तमान में 75% वार्डों में द्वार-द्वार कचरा संग्रहण उपलब्ध है, जिसे 95% तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
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अतिरिक्त पहल: स्वच्छ गणेश पंडाल की तर्ज पर ‘स्वच्छ दुर्गोत्सव पंडाल प्रतियोगिता’ शुरू, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। दुर्गा पूजा के दौरान अनुमानित 5 लाख श्रद्धालुओं को लक्षित कर 50 पंडालों का मूल्यांकन होगा।
राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा, “यह चैलेंज न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय विकास को गति भी प्रदान करेगा। बिलासपुर को इंदौर की तरह शीर्ष स्वच्छ शहर बनाने का सपना साकार होगा।” निगम ने 2024 में 65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के तहत जल आवर्धन योजनाओं पर भी 33 करोड़ खर्च किए हैं, जो स्वच्छता अभियान का हिस्सा हैं।


