नई दिल्ली। बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी भर जाता है और इससे मच्छरों की तादाद बढ़ने लगती है। यह मच्छरों के बढ़ने और पनपने का सबसे अनुकूल मौसम भी होता है। अगर बारिश के बाद कहीं पानी भर जाए, तो उसमें मच्छर अंडे देते हैं और कुछ ही दिनों में उनकी संख्या कई गुना बढ़ जाती है। बारिश में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और इनके काटने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। डेंगू, मलेरिया समेत कई बीमारियां मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलती हैं और इनका सही समय पर ट्रीटमेंट न कराया जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
मच्छरों से फैलने वाली गंभीर बीमारियां
डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर आमतौर पर दिन के समय काटता है। डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में सूजन और शरीर पर चकत्ते शामिल होते हैं। गंभीर मामलों में डेंगू हेमोरेजिक फीवर हो सकता है, जिससे प्लेटलेट्स की संख्या घट जाती है और इंटरनल ब्लीडिंग हो सकती है। डेंगू का इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है। समय पर इलाज से मरीज एक-दो सप्ताह में ठीक हो सकता है।
मच्छरों के काटने से मलेरिया भी फैल जाता है। यह पैरासाइट से होने वाली बीमारी है, जो एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर अधिकतर रात के वक्त काटता है। मलेरिया के लक्षणों में बुखार के साथ ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द, उल्टी और थकान शामिल हैं। कुछ मामलों में यह बीमारी लिवर और किडनी को भी प्रभावित कर सकती है। मलेरिया का इलाज एंटी-मलेरियल दवाओं से किया जाता है, लेकिन इलाज न मिलने पर यह परेशानी भी जानलेवा हो सकती है।
चिकनगुनिया भी डेंगू की तरह एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, जोड़ों में सूजन और भयानक दर्द शामिल है, जो हफ्तों या महीनों तक रह सकता है। इस बीमारी का असर बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों पर ज्यादा होता है। इसका कोई खास इलाज नहीं है, केवल लक्षणों के आधार पर उपचार किया जाता है। आराम, तरल पदार्थ और दर्द कम करने वाली दवाएं इसके उपचार में सहायक होती हैं।
जापानी इंसेफलाइटिस एक वायरल इंफेक्शन है, जो ब्रेन को प्रभावित करता है और बच्चों में अधिक देखा जाता है। यह क्यूलिक्स मच्छर के काटने से फैलता है, जो चावल के खेतों और गंदे पानी वाले क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके लक्षणों में सिरदर्द, उल्टी, मानसिक भ्रम और बेहोशी शामिल हैं। वहीं फाइलेरिया एक दीर्घकालिक रोग है, जो त्वचा और लिम्फ नोड्स को प्रभावित करता है और संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है।
कैसे करें मच्छरों से बचाव?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो बरसात के मौसम में मच्छरों से बचाव ही इन बीमारियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। घर और आसपास पानी जमा न होने दें। टंकी, गमले, कूलर की नियमित सफाई करें। मच्छरदानी का प्रयोग करें और शाम के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें। मच्छर भगाने वाली क्रीम और स्प्रे का इस्तेमाल करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि वे जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। अगर बुखार या अन्य लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं।
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