नई दिल्ली। बरसात के मौसम में बीमारियां भी तेजी से बढ़ती हैं तो वहीं दूसरी ओर बरसात के मौसम में फोड़ा फुंसी जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती है। आज हम आपको एक ऐसी औषधि के बारे में आपको बताने जा रहे है। यह औषधि कई बीमारियों के लिए रामबाण भी होती है।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक अनोखी औषधीय पौधा पाया जाता है। यह पौधा कई बीमारियों के लिए रामबाण होता है। बरसात के मौसम में अक्सर आपको पेड़ों पर मिल जाएगा।
अमरबेल एक ऐसा पौधा है, जो देखने में तो विशिष्ट है ही, इसके सेहत लाभ भी कई होते हैं। अमरबेल को अमृत फल के नाम से भी जाना जाता है। इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में हजारों वर्षों से किया जा रहा है।
इनका इस्तेमाल कई तरह की दवाओं को बनाने में किया जाता है। कहा जाता है कि ये बेल इतना शक्तिशाली है कि इसके सेवन से शरीर को दस घोड़ों जितनी ताकत, स्टैमिना मिल सकती है।
जिस पेड़ पर अमरबेल लिपटी होती है, उस पेड़ की सभी शक्तियों, गुणों को अपने अंदर खींच लेती है, जिससे वह वृक्ष पूरी तरह से सूख जाता है। अमरबेल आपको खेतों में आसानी से देखने को मिल जाएगी।
आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बरसात के मौसम में फोड़ा फुंसी जैसी समस्याएं अक्सर देखी जाती हैं। वहीं गांव के लोग अमरबेल का इस्तेमाल करते हैं। इसकी तासीर गर्म होती है।
अमरबेल स्किन, बालों को हेल्दी रखने के लिए कारगर है। ये बालों को घना और जड़ों से मजबूत बनाता है। अमरबेल का तेल लगाने से गंजे सिर पर भी धीरे-धीरे बाल उग आ सकते हैं।
हार्ट की बीमारियां काफी हो रही हैं। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी अखंड लता यानी अमरबेल को गुणकारी माना जाता है।अमरबेल का पौधा हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसके पत्ते और तने में भरपूर मात्रा में आयरन, कैल्शियम, विटामिन- सी, फ्लेवोनोइड्स और एल्कलॉइड्स जैसे तत्व पाए जाते हैं।
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