खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एक तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर घिर गई हैं। वायरल हो रही तस्वीर में वे खेत में कुर्सी पर बैठकर धान की नर्सरी (बीड़ा) लगाती दिख रही हैं। कांग्रेस नेताओं और सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे “ड्रामा”, “फोटोशूट” और “दिखावा” करार दिया है। वहीं, मंत्री राजवाड़े ने सधी हुई प्रतिक्रिया में कहा है – “कांग्रेस हमें न सिखाए खेती कैसे करनी है, मैंने 13 साल खेती की है, मुझे मालूम है खेत में क्या होता है।
* क्या है मामला?
बस्तर और सरगुजा अंचल में इन दिनों धान की बीज बोवाई (बीड़ा) का काम जोरों पर है। इसी क्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने विधानसभा क्षेत्र में एक खेत में बीड़ा लगाते हुए भाग लिया। लेकिन फोटो में उन्हें प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठकर काम करते देख कांग्रेसियों ने उन पर तंज कसना शुरू कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई नेताओं ने इसे किसानों का “अपमान” बताया।
* मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का जवाब
मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री राजवाड़े ने कहा:
“मैं एक किसान परिवार से हूं। शादी के बाद करीब 13 साल खेती की है। हमें मालूम है बीज कैसे बोते हैं, खेत में कैसे चलते हैं। कुर्सी का उपयोग हमारे सरगुजा क्षेत्र में आम बात है। महिलाएं सहूलियत के लिए कुर्सी या पटिए पर बैठकर बीड़ा लगाती हैं। इसमें नया कुछ नहीं है।”
“कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए फोटो देखकर भ्रम फैलाया जा रहा है।”
* क्या सरगुजा में महिलाएं वाकई कुर्सी पर बैठकर करती हैं काम?
इस सवाल के जवाब में स्थानीय कृषि विशेषज्ञ डॉ. विनोद केंवट (कृषि विज्ञान केंद्र, अंबिकापुर) बताते हैं:
“सरगुजा, कोरिया और बलरामपुर जैसे इलाकों में महिलाएं लंबे समय तक झुककर काम न कर पाएं इसलिए प्लास्टिक कुर्सी, पटिया या ईंट का सहारा लेती हैं। ये नई बात नहीं है। ग्रामीण महिलाएं इसे परंपरा से करती आ रही हैं।”


