खबर वर्ल्ड न्यूज– दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट सोमवार देर रात हैक कर ली गई, जिससे न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन बल्कि राज्य की साइबर सुरक्षा एजेंसियों में भी हड़कंप मच गया। हैकर्स ने वेबसाइट पर देशविरोधी संदेश और अश्लील भाषा का उपयोग करते हुए भारत-पाकिस्तान सीमा पर हमले की धमकी तक दे डाली।
* क्या हुआ था?
सोमवार की रात विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अचानक टैगलाइन की जगह एक धमकी भरा संदेश नजर आया, जिसमें लिखा था:
“अगर अगली बार तुमने हमारे बॉर्डर पर हमला किया तो नहीं होगा ठीक।”
इसके साथ ही हैकर्स ने अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग किया था, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह एक सुनियोजित साइबर हमला था।
* पाकिस्तानी हैकर्स पर शक क्यों?
संदेश में “हमारे बॉर्डर” जैसे शब्दों का प्रयोग, और भारत-पाक सीमा पर हमले की चेतावनी यह संकेत देती है कि हमले के पीछे पाकिस्तानी साइबर समूहों का हाथ हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में सक्रिय कई ऐसे हैकर ग्रुप हैं, जो भारतीय शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी वेबसाइटों और संवेदनशील डेटा को टारगेट करते रहे हैं।
* साइबर हमलों के आंकड़े: भारत में बढ़ता खतरा
| वर्ष | सरकारी वेबसाइटों पर साइबर हमले (CERT-In के अनुसार) |
|---|---|
| 2019 | 1,044 |
| 2020 | 1,126 |
| 2021 | 1,402 |
| 2022 | 1,686 |
| 2023 | 1,949 |
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2023 में कुल 276 साइबर सुरक्षा घटनाएं रिपोर्ट हुई थीं, जिनमें कई शैक्षणिक संस्थानों को भी निशाना बनाया गया था।
* हेमचंद यादव विश्वविद्यालय पर असर
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विश्वविद्यालय की वेबसाइट कुछ घंटों के लिए बंद कर दी गई थी।
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छात्रों को परीक्षा, प्रवेश और परिणाम संबंधी सूचना तक नहीं मिल पाई।
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IT और साइबर विशेषज्ञों की टीम ने वेबसाइट को पुनः सुरक्षित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
* साइबर सेल और पुलिस की कार्रवाई
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दुर्ग साइबर क्राइम शाखा ने अज्ञात हैकरों के खिलाफ आईटी एक्ट 2000 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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वेबसाइट के IP लॉग्स, सर्वर ट्रैफिक और लोकेशन डेटा की जांच की जा रही है।
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राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक (NCSC) और CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) को इस हमले की सूचना दी गई है।
* प्रशासन और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
कुलपति का बयान:
“यह भारत की शैक्षणिक स्वतंत्रता पर हमला है। छात्रों और स्टाफ की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।”
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, रायपुर:
“इस तरह के हमले सिर्फ डेटा चोरी तक सीमित नहीं हैं, ये मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा होते हैं। पाकिस्तानी हैकर समूह अक्सर भारतीय संस्थानों को टारगेट करते हैं।”


