खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष पाठक, मुंगेली।मुगेली से कवर्धा होते हुए पंडरिया तक जाने वाली एकमात्र मुख्य सड़क की हालत इन दिनों इतनी बदतर हो चुकी है कि यह मार्ग सड़क कम और तालाब अधिक नजर आने लगा है। बारिश के मौसम में गड्ढों में भरा पानी राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। वहीं गर्मियों में यही सड़क धूल के गुबार में तब्दील हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क वर्षों से जर्जर स्थिति में है। बावजूद इसके, न तो जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासनिक अमला सुध ले रहा है। सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रमों में नागरिकों ने कई बार आवेदन दिए, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
दुर्घटनाएं हो रही आम बात
इस मार्ग पर रोजाना कोई न कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहा है। गड्ढों और कीचड़ से बचने की कोशिश में दुपहिया चालक सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। डामर रोड पर केवल खानापूर्ति के नाम पर मुरुम और बजरी डाल दी जाती है, जो दो दिन की बारिश में बहकर नाले में तब्दील हो जाती है।
स्कूल बच्चों और मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत
सेंट जेवियर स्कूल से बाघामुड़ा तक की सड़क सबसे ज्यादा खराब है। यहां स्कूल जाने वाले बच्चों, ग्रामीणों और खासकर मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
जनप्रतिनिधि रोज करते हैं इसी रास्ते से आवाजाही
हैरानी की बात यह है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी इसी मार्ग से रोजाना गुजरते हैं, लेकिन आंख मूंदकर वाहन के बंद शीशों में निकल जाते हैं। आमजन की परेशानी को कोई सुनने वाला नहीं।
जनता का सवाल – “आख़िर हम किससे कहें?”
स्थानीय निवासी अब सवाल पूछ रहे हैं – “हम अपनी समस्या किससे कहें? कहाँ जाएँ? जब प्रतिनिधि और अधिकारी ही आंखें मूंद लेते हैं, तो आम जनता की सुध कौन लेगा?”


