खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-नारायणपुर। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियाें के मार्गदर्शन व नेतृत्व में नारायणपुर पुलिस द्वारा आईटीबीपी, बीएसएफ, एसटीएफ की संयुक्त बल के साथ चलाये जा रहे नक्सल विरोधी “माड़ बचाव” अभियान के तहत अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते दबाव के फलस्वरूप आज शुक्रवार काे नवल सिंह कमाण्डेट 135 वाहिनी सीमा सुरक्षा बल, संजय कुमार कमाण्डेट 53वी वाहिनीं आईटीबीपी, राबिनसन गुडिया अति. पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स.) एवं अन्य अधिकारियाें के समक्ष आज शुक्रवार काे नक्सलियाें के माड़ डिवीजन एवं अमदेई एरिया कमेटी में सक्रिय 10 लाख के ईनामी 4 महिला एवं 2 पुरूष नक्सली सहित कुल 6 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण करने पर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियाें काे प्रोत्साहन राशि 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया एवं उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलवाया जायेगा।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पित नक्सलियाें में 1. धनाय हलामी पिता नरसिंग उम्र 24 वर्ष निवासी पंचायत तुशवाल थाना बारसूर जिला बीजापूर पद: अमदेई एरिया कमेटी सदस्य ईनाम 5 लाख, 2. दशमती कोवाची पिता उंगो उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम पंचायत कोडोली थाना ओरछा जिला नारायणपूर पद: नेलनार एलओएस सदस्य ईनामी 1 लाख, 3. सुकाय उर्फ रोशनी पोयाम पिता भीमा उम्र 20 वर्ष निवासी कंदाडी ग्राम पंचायत कस्तुरमेटा थाना कुकडाझोर पद: कुतुल एरिया पार्टी सदस्य (पीएम) ईनामी 1 लाख, 4. चैतराम उसेण्डी उर्फ रूषी पिता दशरू उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम गुजनवाडा पंचायत हिकुल थाना ओरछा जिला नारायणपुर पद:सीसी गार्ड (पीएम)- ईनामी 1 लाख, 5. गंगू पोयाम पिता कुम्मा उम्र 20 वर्ष निवासी पंचायत कोडोली थाना ओरछा जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़ पद: डीवीसी गार्ड (पीएम) ईनामी 1 लाख, 6. शारी उर्फ गागरी कोवाची पिता पूरोन उम्र 20 वर्ष निवासी गट्टाकाल, किसकाल पंचायत कुतुल थाना कोहकामेटा जिला नारायणपूर छत्तीसगढ़ पद: एसीएम गार्ड (पीएम) ईनामी 1 लाख ने आत्मसमर्पण कर दिया है।
बस्तर आईजी सुन्दरराज पी. ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के फायदे, घर, राेजगार एवं “माड़ बचाओ अभियान” ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियाें काे अब एक नई आस दी है। उन्हाेने बताया कि भटके नक्सलियों को उनके घर वाले भी वापस लाना चाहते है। उन्हाेने सभी नक्सली संगठन में शामिल भाई-बहनों से अपील करते हुए कहा कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलने का समय आ गया है। अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है जहां वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके। उन्हाेने बताया कि इस वर्ष 2025 में अब तक कुल 110 बड़े-छोटे कैडर के नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।
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