
खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-दंतेवाड़ा। जिले के शिक्षक और शिक्षिकाएं युक्तियुक्तकरण की जारी की गई सूची से नाराज हैं। आज मंगलवार सुबह 10 बजे से काउंसलिंग का समय रखा गया, जिसमें कई शिक्षक काउंसलिंग के लिए पहुंच भी गए लेकिन कई शिक्षक ने संघ का साथ दिया और आंवरा भाटा दुर्गा मंच में एकत्रित होकर शिक्षक संघ के बैनर तले धरना-प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट पंहुचकर अपनी बात कलेक्टर के समक्ष् रखी, शिक्षकों ने सूची में गड़बड़ी को लेकर शिक्षक संघ ने आवेदन के माध्यम से कलेक्टर को जानकारी दी। शिक्षक संघ के अध्यक्ष संतोष मिश्रा ने कहा कि पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की तरह रात में युक्तियुक्तकरण की सूची व्हाट्सएप पर जारी कर दी गई। आनन फानन में शिक्षकों के घर के दरवाजे खटखटाए गए और उनको बताया गया कि आप अतिशेष हैं, शिक्षक हड़बड़ाया, उसको पता ही नहीं है कि वो कैसे अतिशेष हुआ।
शिक्षक संघ के आवेदन में इन गड़बड़ी का उल्लेख किया गया
1. सूची में कनिष्ठों को वरिष्ठ बताते हुए वरिष्ठों को कनिष्ठ प्रदर्शित कर शिक्षकों को अतिशेष किया गया है।
2 सूची को सार्वजनिक न करते हुए कल रात तक व्यक्तिगत तौर पर आदेश की तामिली करवाया गया है। रात करीब 11 बजे सूची को व्हाट्सअप ग्रुप के माध्यम से सार्वजनिक किया गया, जबकि अन्य जिलों में सूची को तीन दिन पहले जारी किया गया है। जिले में गुपचुप तरीके से काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाए जाने से युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया संदेहास्पद है।
3. उच्च प्राथमिक शालाओं में राज्य के युक्तियुक्तकरण निर्देशानुसार विषय को आधार न मानते हुए विद्यालय में शिक्षकों की ज्वाइनिंग तिथि को वरिष्ठता का आधार माना गया है, किन्तु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों ने अपने चहेतों को सुविधा के अनुसार कुछ स्थानों पर विषय को आधार मानते हुए वरिष्ठ कर दिया है। कुछ स्थानों पर विषय के नियम का पालन नहीं किया गया है।
4. वर्तमान में खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा कुछ शिक्षकों का वेतन आहरण बिना सक्षम अधिकारी की पदस्थापना आदेश के स्वयं के द्वारा षड्यंत्रपूर्ण संज्ञानात्मक योजना बनाते हुए किया जा रहा है, जबकि वास्तविक रूप से उनकी पदस्थापना उस विद्यालय में नहीं है, जिस व्यक्ति की पदस्थापना उस विद्यालय में है, उसे कनिष्ठ बताकर अतिशेष कर दिया गया है।
5. पूरी प्रक्रिया में दावा आपत्ति का समय किसी भी अतिशेष शिक्षकों नहीं दिया गया है। पूरी प्रक्रिया को गुपचुप तरीके से किया जाना शिक्षकों के अधिकारों का पूर्णतः हनन है।
दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल काउंसलिंग को रुकवा दिया और शिक्षक संघ से आग्रह किया कि सूची में त्रुटि की किसी को कोई आशंका है, तो वह डायरेक्ट मेरे पास आवेदन लगाकर अपनी बात रख सकता है, जिसका निराकरण किया जाएगा। फिलहाल आप सभी काउंसलिंग होने दें, अभी किसी भी प्रकार का किसी को आदेश जारी नहीं किया जाएगा। मामला पूरा स्पष्ट होने के बाद ही आदेश जारी किया जाएगा, इसके बाद शिक्षक संघ ने धरना समाप्त किया।


