khabarworld24.com -Henley Passport Index 2025 की ताजा रैंकिंग जारी कर दी गई है। इस सूची में दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग को दर्शाया गया है, जो इस बात पर आधारित है कि कितने देशों में वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा उपलब्ध है। इस साल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का पासपोर्ट शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है, जबकि भारत के पासपोर्ट की रैंकिंग में गिरावट आई है।
यूएई का पासपोर्ट बना सबसे शक्तिशाली यूएई के पासपोर्ट ने इस साल की रैंकिंग में सबसे पहला स्थान हासिल किया है। Henley Passport Index के अनुसार, यूएई के पासपोर्ट धारक 181 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। यह लगातार यूएई की कूटनीतिक और वैश्विक भागीदारी को दर्शाता है, जो पासपोर्ट की ताकत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
टॉप 10 देशों की सूची
इस साल की रैंकिंग में टॉप-10 में यूएई के अलावा जापान, सिंगापुर और जर्मनी जैसे देश भी शामिल हैं। नीचे दी गई है सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की टॉप-10 सूची:
- यूएई – 181 देश वीजा-फ्री / वीजा ऑन अराइवल
- सिंगापुर – 176 देश
- जर्मनी – 175 देश
- जापान – 174 देश
- स्वीडन – 173 देश
- फिनलैंड – 173 देश
- डेनमार्क – 172 देश
- लक्समबर्ग – 172 देश
- फ्रांस – 171 देश
- नॉर्वे – 171 देश
भारत की रैंकिंग में गिरावट
इस साल भारत का पासपोर्ट 87वें स्थान पर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 पायदान नीचे है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को 60 देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा प्राप्त है। यह गिरावट इस बात को दर्शाती है कि भारत की वैश्विक कूटनीति और यात्रा की स्वतंत्रता में अभी सुधार की आवश्यकता है।
हैनेली पासपोर्ट इंडेक्स कैसे काम करता है?
Henley Passport Index दुनिया के विभिन्न देशों के पासपोर्टों को उनकी वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधाओं के आधार पर रैंक करता है। यह इंडेक्स 199 देशों और 227 यात्रा स्थलों की जानकारी का विश्लेषण करता है। यह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा का उपयोग करके देशों के पासपोर्ट की ताकत को मापता है।
निष्कर्ष
Henley Passport Index 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग में यूएई ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि भारत की रैंकिंग में गिरावट आई है। इस सूची से स्पष्ट होता है कि पासपोर्ट की ताकत और यात्रा की स्वतंत्रता किसी भी देश की कूटनीति, व्यापारिक संबंध और वैश्विक पहुंच का एक महत्वपूर्ण मापदंड है।
क्या है आगे का रास्ता? भारत को वैश्विक स्तर पर अपने पासपोर्ट की ताकत को बढ़ाने के लिए अपने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की जरूरत है। विशेषकर, यात्रा की सुविधा और वीजा संबंधी समझौतों पर काम करके भारत अपनी रैंकिंग में सुधार कर सकता है।
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