khabarworld24.com -छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पारिस्थितिकी बहाली और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रोकने के लिए एक व्यापक नीति लागू की है। यह नीति राज्य की समृद्ध वन संपदा को संरक्षित करने, जैव विविधता को बचाने और स्थानीय समुदायों की आजीविका को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। आइए इस नीति के मुख्य बिंदुओं और उपलब्ध आंकड़ों पर नजर डालते हैं।
1. वन कवर में वृद्धि
छत्तीसगढ़ में लगभग 44% भूभाग वनों से आच्छादित है, जो देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है। राज्य सरकार ने 2030 तक वन आवरण में 5% की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं, जिनमें वृक्षारोपण और संरक्षित वन क्षेत्रों में सुधार शामिल हैं।
- वर्तमान वन क्षेत्र (2023): 59,772 वर्ग किमी
- लक्ष्य वन क्षेत्र (2030): 62,761 वर्ग किमी
2. जल संरक्षण और पुनर्भरण कार्यक्रम
राज्य की नीति में जल संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसमें जलाशयों और नदी तटों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है। जल संसाधनों की पुनर्भरण दर को बढ़ाने के लिए वाटरशेड मैनेजमेंट और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग जैसी तकनीकों को अपनाया जा रहा है।
- 2024 तक बनाए गए जल पुनर्भरण परियोजनाएं: 1,200+
- लक्षित जल पुनर्भरण क्षेत्र: 2,000+ परियोजनाएं
3. स्थानीय समुदायों की भागीदारी
वन संसाधनों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने जॉइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट (JFM) के तहत 3,000 से अधिक वन समितियों का गठन किया है। इससे वन संसाधनों के सतत उपयोग और स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
- वर्तमान में सक्रिय वन समितियाँ: 3,500+
- लक्षित क्षेत्र: 4,500+ गाँव
4. वनों पर आधारित उद्योगों का विकास
छत्तीसगढ़ सरकार ने वन आधारित उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियाँ बनाई हैं। यह राज्य की औद्योगिक विकास नीति का हिस्सा है, जिसमें बamboo, medicinal plants, और lac जैसे संसाधनों का सतत उपयोग कर उद्योगों को विकसित किया जा रहा है।
- 2024 तक बनाए गए नए उद्योग: 200+
- नए निवेश लक्ष्यों का आंकलन: ₹5,000 करोड़
5. जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीति
राज्य ने जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए कार्बन उत्सर्जन में 15% की कमी का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पुन: वनीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, और ऊर्जा दक्षता में सुधार के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।
- वर्तमान कार्बन उत्सर्जन (2024): 120 मिलियन टन CO2 प्रति वर्ष
- लक्ष्य उत्सर्जन (2030): 102 मिलियन टन CO2 प्रति वर्ष
6. राज्य का कुल वन बजट
सरकार ने 2024-25 के लिए वन विभाग के लिए ₹4,500 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है, जिसमें से ₹2,000 करोड़ जलवायु परिवर्तन के निवारण और पारिस्थितिकी संरक्षण योजनाओं पर खर्च किए जाएंगे।
- 2024-25 का वन बजट: ₹4,500 करोड़
- सतत विकास योजनाओं का बजट: ₹2,000 करोड़
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ की वन और जलवायु परिवर्तन नीति राज्य के पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नीति न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि स्थानीय समुदायों की आजीविका और उद्योगों को भी समर्थन देती है।

