खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। छत्तीसगढ़ को छोडक़र देश के बाकी हिस्सों में नक्सलियों पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, वह भी छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के कुछ अंदरूनी इलाकों में इसका ज्यादा असर दिखता है। छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के साथ ही नक्सलियों के खिलाफ बस्तर संभाग के अंदरूनी क्षेत्रों में नक्सल उन्मूलन अभियान तेज कर दिया गया है। नक्सलियों से निर्णायक लड़ाई लडऩे के लिए केंद्र सरकार सीआरपीएफ की 40 नई कंपनियों को बस्तर में तैनात करने जा रही है। वहीं इस वर्ष 2024 में नक्सल प्रभावित इलाकों में करीब 45 नए सुरक्षा कैंप खोलने का भी लक्ष्य रखा गया है। सीआरपीएफ के 40 कंपनी की तैनाती के बाद नक्सल उन्मूलन अभियान तेज कर दिया जाएगा।
उल्लेखनिय है कि छत्तीसगढ़ को छोडक़र देश के बाकी हिस्सों में नक्सली घटनाओं पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। झारखंड में वर्ष 2023 में ही सुरक्षा बलों ने हर उस इलाके तक अपनी पहुंच बना ली थी, जिन्हें नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। कई इलाकों से नक्सलियों को खदेडक़र सुरक्षाबलों ने अपने स्थायी कैंप स्थापित कर लिए थे। इस बार राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लडऩे पर है। यही वजह है कि 40 नई कंपनियों को बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात किया जा रहा है।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. का कहना है कि सीआरपीएफ की 40 नई कंपनियों के जवानों की तैनाती कब तक होगी, इसकी सूचना नहीं मिली है। सीआरपीएफ की नई कंपनी के तैनाती से अब नक्सल प्रभावित जितने भी बचे हुए ठिकाने हैं वहां योजना के साथ नए कैंप स्थापित किया जायेगा, ताकि जवानों के वहां पहुंचने के साथ ही उन गांव का
विकास हो सके।

