नई दिल्ली। करौंदा एक छोटा सा खट्टा-कसैला फल है, लेकिन इसके फायदे बहुत बड़े हैं। यह गर्मी और बरसात के मौसम में आसानी से मिल जाता है। गांवों में लोग इसका अचार, चटनी, मुरब्बा और जैम बनाकर खाते हैं। स्वाद के साथ-साथ करौंदा सेहत के लिए भी काफी लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद और लोक चिकित्सा में इसका उपयोग वर्षों से किया जाता रहा है।
गोंडा के वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि करौंदा पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। इसमें विटामिन C, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी तत्व शरीर को स्वस्थ रखने और कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लाभकारी: वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति के अनुसार करौंदे में मौजूद विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर संक्रमण से लड़ने में मजबूत बनता है। मौसम बदलने पर होने वाली सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव में भी यह सहायक माना जाता है।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद : करौंदा पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद फाइबर भोजन को पचाने में मदद करता है। इसका सेवन करने से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। जिन लोगों को पाचन संबंधी परेशानी रहती है, वे डॉक्टर या वैद्य की सलाह के अनुसार इसे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
डायबिटीज में है फायदेमंद: वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति ने बताया कि करौंदा डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन अपनी दवा बंद करके नहीं करना चाहिए। इसे केवल संतुलित आहार का हिस्सा बनाएं और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
हाई ब्लड प्रेशर के लिए है उपयोगी: करौंदा हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी उपयोगी माना जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन करने से रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है। हालांकि, यह किसी दवा का विकल्प नहीं है।
खून की कमी को करता है पूरा: करौंदा खून की कमी यानी एनीमिया से जूझ रहे लोगों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनने में मदद करता है। खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए यह फल पोषण का अच्छा स्रोत हो सकता है।
वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति के अनुसार करौंदा हड्डियों को मजबूत बनाने में भी सहायक होता है, इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। बढ़ते बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह फल लाभकारी माना जाता है। करौंदे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इससे त्वचा स्वस्थ रहती है और समय से पहले बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में भी सहायता मिल सकती है।
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